शिमला, 23 जून 2025: हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) अपने बेड़े में 24 सुपर लग्जरी वोल्वो बसें शामिल करने जा रहा है, जो बंगलूरू से हिमाचल के लिए रवाना हो चुकी हैं। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि ये बसें अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं और यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा को प्राथमिकता देती हैं। इन बसों के बुधवार तक हिमाचल पहुंचने की संभावना है।
अत्याधुनिक सुरक्षा और सुविधाएँ
इन सुपर लग्जरी बसों में कई अनूठी विशेषताएँ हैं। बसों में सेंसर लगाए गए हैं, जो 60 डिग्री से अधिक तापमान या धुआँ उठने पर स्वचालित रूप से 32 नोजल्स के माध्यम से पानी की बौछार शुरू कर देंगे। बस की छत पर पाइपलाइन और 200 लीटर का पानी का टैंक लगाया गया है, साथ ही नाइट्रोजन सिलेंडर भी उपलब्ध है। यह तकनीक यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, खासकर पहले हुई बसों में आग लगने की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए।
इसके अतिरिक्त, बसों में स्मोकिंग सेंसर लगे हैं, जो धूम्रपान होने पर सायरन बजाकर चेतावनी देंगे। बस के भीतर और बाहर (फ्रंट व बैक) सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी रिकॉर्डिंग छह दिनों तक सुरक्षित रहेगी। सभी बसें एयर-कंडीशन्ड हैं और इनमें थाई रेस्ट व पुश-बैक सीटें हैं, जो यात्रियों को आरामदायक सफर प्रदान करेंगी।
बसों का आवंटन और रूट
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि ये बसें शिमला के तारादेवी, कांगड़ा जिले के नगरोटा, पालमपुर, देहरा, कुल्लू और नालागढ़ डिपो में आवंटित की जाएंगी। इन बसों को न केवल हिमाचल के भीतर, बल्कि अन्य राज्यों और धार्मिक स्थलों के लिए भी चलाया जाएगा। खास तौर पर, धर्मशाला से दिल्ली के लिए बंद हुए वोल्वो बस रूट को बहाल करने की योजना है। धर्मशाला मंडल के मंडलीय प्रबंधक पंकज चड्ढा ने कहा कि नई बसों के शामिल होने से दिल्ली रूट फिर से शुरू होगा, जिससे यात्रियों की परेशानी कम होगी।
बसों की कीमत और उद्घाटन
प्रत्येक वोल्वो बस की कीमत 1.52 करोड़ रुपये है। इन बसों को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री द्वारा हरी झंडी दिखाकर रूटों पर रवाना किया जा सकता है। बंगलूरू से चालकों और तकनीकी कर्मचारियों का एक दल इन बसों को हिमाचल लाने के लिए रवाना हुआ है।
एचआरटीसी की रणनीति
एचआरटीसी का लक्ष्य इन अत्याधुनिक बसों के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करना है। साथ ही, निगम निजी ऑपरेटरों के एकाधिकार को चुनौती देने और पर्यटक सर्किटों पर अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ये बसें निगम की वित्तीय स्थिति को सुधारने और यात्रियों का भरोसा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
यह कदम न केवल हिमाचल के परिवहन तंत्र को मजबूत करेगा, बल्कि पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों के लिए भी एक प्रीमियम यात्रा अनुभव प्रदान करेगा।
