शिमला, 23 जून 2025: हिमाचल प्रदेश की सस्ती राशन दुकानों (फेयर प्राइस शॉप्स) में अगले माह यानी जुलाई 2025 से उपभोक्ताओं का चेहरा स्कैन कर राशन वितरित करने की नई व्यवस्था शुरू होने जा रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा इस अत्याधुनिक तकनीक को लागू करने की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। विभाग एक सप्ताह के भीतर फेस ऑथेंटिकेशन ऐप लॉन्च करेगा, जिसके बाद प्रदेश के लाखों राशन उपभोक्ताओं को ओटीपी और बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान सर्वर डाउन होने की समस्याओं से राहत मिलेगी।
नई तकनीक से मिलेगी राहत
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के नियंत्रक (कांगड़ा) पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि फेस ऑथेंटिकेशन ऐप के जरिए डिपो में राशन लेने के लिए उपभोक्ताओं का चेहरा स्कैन किया जाएगा। स्कैन की गई जानकारी को आधार डेटा से मिलान करने के बाद ही राशन वितरित होगा। यह ऐप डिपो संचालकों के मोबाइल फोन पर उपलब्ध होगा, जिसके लिए उनके पास एंड्रॉयड मोबाइल होना अनिवार्य होगा। इस तकनीक से बार-बार सर्वर फेल होने की समस्या खत्म होगी और उपभोक्ताओं को राशन लेने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
आईटी विभाग के साथ समन्वय
विभाग ने इस नई तकनीक को लागू करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग के अधिकारियों के साथ सलाह-मशविरा किया है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद एक सप्ताह के भीतर ऐप को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। सिंह ने बताया कि फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और तकनीकी खामियों के कारण होने वाली असुविधा कम होगी।
ई-केवाईसी अनिवार्य
इस नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) पूरा होना अनिवार्य है। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपनी ई-केवाईसी नहीं करवाई है, उन्हें 30 जून 2025 तक इसे पूरा करने की सलाह दी गई है। ई-केवाईसी न होने पर उपभोक्ता राशन सब्सिडी से वंचित हो सकते हैं।
पहले की समस्याओं का समाधान
वर्तमान में राशन वितरण के दौरान ओटीपी और बायोमेट्रिक सत्यापन में सर्वर डाउन होने की समस्या आम है, जिससे उपभोक्ताओं और डिपो संचालकों को परेशानी होती है। फेस ऑथेंटिकेशन ऐप इस समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करेगा। यह तकनीक न केवल राशन वितरण को तेज करेगी, बल्कि धोखाधड़ी को रोकने में भी कारगर होगी।
विभाग की तैयारियां
विभाग ने ऐप लॉन्च करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। डिपो संचालकों को नए सिस्टम के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे इसे प्रभावी ढंग से लागू कर सकें। यह कदम हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक कुशल और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
उपभोक्ताओं से अपील
विभाग ने सभी राशन कार्ड धारकों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी ई-केवाईसी पूरी करें और नई फेस ऑथेंटिकेशन प्रणाली का लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी डिपो या खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के टोल-फ्री नंबर 1967 या 1800-180-8026 पर संपर्क कर सकते हैं।
इस नई तकनीक से हिमाचल प्रदेश की राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और सुगमता आएगी, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिलेगी।
