नाहन/कुल्लू, 25 जून 2025: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में मंगलवार रात से बुधवार दोपहर तक रुक-रुक कर हुई तेज और हल्की बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जिले की 29 सड़कें बंद रहीं, जिससे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को दो दिनों में 1.10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। वहीं, शिलाई विधानसभा क्षेत्र के क्यारी गांव में एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया और कई ट्रांसफार्मर व जल शक्ति योजनाएं बाधित हुईं। इसके अतिरिक्त, कालाअंब-यमुनानगर सड़क पर यातायात प्रभावित रहा। दूसरी ओर, कुल्लू जिले में बादल फटने की घटनाओं ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए, जिससे भारी तबाही मची।
सिरमौर में बारिश का तांडव
सिरमौर जिले में मंगलवार रात से शुरू हुई बारिश ने कई क्षेत्रों में कहर बरपाया। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, भूस्खलन और मलबे के कारण जिले की 29 सड़कें बंद हो गईं, जिससे यातायात व्यवस्था ठप हो गई। पीडब्ल्यूडी को सड़कों की मरम्मत और मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी लगानी पड़ी। विभाग ने प्रारंभिक आकलन में 1.10 करोड़ रुपये के नुकसान की पुष्टि की है।
शिलाई विधानसभा क्षेत्र के क्यारी गांव में इंदर सिंह पुत्र जग्गीराम के मकान के समीप डंगा गिरने से मकान को नुकसान पहुंचा। राजस्व विभाग ने इस नुकसान को लगभग 1 लाख रुपये आंका है। इसके अलावा, जिले में कई ट्रांसफार्मर बंद होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। जल शक्ति विभाग की कई पेयजल योजनाएं भी बारिश के कारण बाधित हुईं, हालांकि इसका विस्तृत आकलन अभी बाकी है।
कालाअंब में हिमाचल-हरियाणा सीमा पर हिमालयन कॉलेज के पास खारी नाले में भारी पानी आने से कालाअंब-यमुनानगर सड़क पर करीब दो घंटे तक यातायात रुक-रुक कर चला। नाले के उफान के कारण कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नाले की सफाई और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था की मांग की है।
कुल्लू में बादल फटने से तबाही
उधर, कुल्लू जिले में मंगलवार रात को सैंज घाटी के जीवा नाले और मणिकर्ण घाटी के ब्रह्मगंगा नाले में बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई। गड़सा घाटी की गोमती नदी और अन्य नालों में भी बादल फटने से नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में नदियों में उफनती लहरें और मलबे का सैलाब साफ देखा जा सकता है।
बाढ़ के कारण फलदार पौधे, खेत, और जमीन बह गई। सैंज घाटी के सीयूंड में जीवा नाले में आई बाढ़ ने भारी मलबा लाया, जिसमें एक स्कूटी के बहने की भी सूचना है। कुल्लू प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है।
प्रशासन का अलर्ट और राहत कार्य
सिरमौर के उपायुक्त सुमित खिमटा ने बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से गिरि, यमुना, टौंस, और मारकंडा नदियों के किनारे न जाने की सलाह दी है। किसी भी आपदा या नुकसान की स्थिति में तुरंत 1077 पर संपर्क करने को कहा गया है।
कुल्लू में जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें राहत कार्य में जुट गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने और नुकसान का आकलन करने का काम शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सिरमौर और कुल्लू सहित हिमाचल के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
सिरमौर और कुल्लू में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने एक बार फिर हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक संवेदनशीलता को उजागर किया है। प्रशासन द्वारा राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं, लेकिन स्थानीय लोग जल निकासी, सड़क मरम्मत, और आपदा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों को शीघ्र सहायता और मुआवजे की आवश्यकता है ताकि वे इस प्राकृतिक आपदा से उबर सकें।
स्रोत: दैनिक भास्कर, समाचार फर्स्ट, और स्थानीय प्रशासन के बयान।
