हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने निजी स्कूलों को सख्त चेतावनी जारी की है। बोर्ड ने कहा है कि अगर निजी स्कूलों में पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ बेल्ट, जूते, टाई, बैज, वर्दी या कॉपियों जैसी वस्तुओं की बिक्री पाई गई तो उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। यह फैसला बोर्ड को मिल रही लगातार शिकायतों के आधार पर लिया गया है, जिसमें निजी स्कूलों द्वारा व्यापारिक गतिविधियों को अंजाम देने की बात सामने आई है।
बोर्ड ने निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्य और प्रायोगिक पुस्तकें ही पढ़ाएं। इन निर्देशों का पालन करना सभी संबद्ध स्कूलों के लिए अनिवार्य है। बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि जल्द ही निजी स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान अगर किसी स्कूल में व्यापारिक गतिविधियां या गैर-निर्धारित सामग्री की बिक्री पाई गई तो बोर्ड अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई होगी। ऐसी स्थिति में स्कूल की संबद्धता वापस ली जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्य की होगी।
शिकायतों के अनुसार, कई निजी स्कूल शिक्षा के नाम पर व्यवसाय कर रहे हैं, जो शिक्षा के माहौल को नुकसान पहुंचा रहा है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, न कि व्यापार करना। इस कदम से निजी स्कूलों पर अंकुश लगाने और शिक्षा के स्तर को बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
