हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित युला कांडा का श्रीकृष्ण मंदिर विश्व का सबसे ऊंचा श्रीकृष्ण मंदिर है। यह मंदिर निचार क्षेत्र में एक झील के बीच बसा है, जहां पहुंचने के लिए हिमालय की गोद में लंबा ट्रेक करना पड़ता है। जन्माष्टमी के अवसर पर यह मंदिर भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाता है, जहां किन्नौर और हिमाचल के अन्य क्षेत्रों से लोग दर्शन के लिए उमड़ते हैं।
पांडवों द्वारा निर्मित मंदिर
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर और इसके बीचों-बीच स्थित झील का निर्माण पांडवों ने अपने वनवास के दौरान किया था। मूल रूप से यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित था, लेकिन अब यह श्रीकृष्ण के मंदिर के रूप में प्रसिद्ध है।
युला कांडा ट्रेक से पहुंचें मंदिर
मंदिर तक पहुंचने के लिए युला खास गांव से ट्रेक शुरू होता है, जो भक्तों को इस पवित्र स्थल तक ले जाता है। इसके अलावा, काशांग दर्रा और लिस्टिगरंग दर्रा भी वैकल्पिक ट्रेकिंग मार्ग हैं। लिस्टिगरंग दर्रा का रास्ता थोड़ा कठिन है, लेकिन हिमालय की खूबसूरती के बीच यह यात्रा रोमांच और आध्यात्मिकता से भरपूर है। मंदिर तक पहुंचने के लिए सबसे उपयुक्त समय मई से नवंबर के बीच है। किन्नौर गांव से मंदिर की दूरी करीब 12 किलोमीटर है।
जन्माष्टमी पर विशेष आयोजन
हर साल जन्माष्टमी के अवसर पर इस मंदिर में उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर का प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक महत्व इसे और भी खास बनाता है।
यात्रा की योजना बनाएं
यदि आप धार्मिक स्थलों के दर्शन के शौकीन हैं या भगवान श्रीकृष्ण में अटूट आस्था रखते हैं, तो युला कांडा के इस अनूठे मंदिर की यात्रा आपके लिए अविस्मरणीय होगी। यात्रा से पहले उचित योजना बनाना जरूरी है, ताकि ट्रेकिंग का अनुभव सुरक्षित और आनंदमय रहे।
