शिमला: हिमाचल प्रदेश के नेरवा तहसील में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक प्राथमिक स्कूल के बाहर 4 वर्षीय बच्ची को अगवा करने की कोशिश की गई। इस घटना में बच्ची के भाई और उसके सहपाठियों की साहसी कार्रवाई ने बच्ची को अपहरणकर्ता के चंगुल से बचा लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है।
घटना के अनुसार, नेरवा तहसील के एक प्राथमिक स्कूल के बाहर वीरवार को दोपहर करीब 1 बजे यह घटना हुई। बच्ची, जो प्री-नर्सरी की छात्रा है, स्कूल की छुट्टी के बाद अकेले घर की ओर जा रही थी। स्कूल के गेट से कुछ दूरी पर एक अजनबी व्यक्ति ने उसे चॉकलेट देने की कोशिश की। बच्ची ने चॉकलेट लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उस व्यक्ति ने बच्ची के मुंह पर हाथ रखकर उसे जबरन कंधे पर उठा लिया।
उसी समय स्कूल में लंच ब्रेक चल रहा था। बच्ची का 10 वर्षीय भाई, जो 5वीं कक्षा में पढ़ता है, अपने दो सहपाठियों के साथ स्कूल के गेट के पास खेल रहा था। उसने अपनी बहन को अपहरणकर्ता के कंधे पर देख लिया और तुरंत उसकी ओर दौड़ा। भाई ने पहले अपहरणकर्ता पर पत्थर फेंके, लेकिन जब इसका कोई असर नहीं हुआ तो उसने एक बड़ा पत्थर उठाकर अपहरणकर्ता के पैर पर दे मारा। इस बीच, भाई के साथ खेल रहे दोनों सहपाठी भी पत्थर लेकर अपहरणकर्ता की ओर दौड़े। तीनों बच्चों ने मिलकर बच्ची को अपनी ओर खींचा, जिसके बाद खींचतान में बच्ची अपहरणकर्ता के चंगुल से छूटकर जमीन पर गिर गई। घबराया हुआ अपहरणकर्ता बच्ची को छोड़कर एक काली गाड़ी में सवार होकर भाग गया। गाड़ी में दो अन्य नकाबपोश युवक भी मौजूद थे।
बच्ची ने घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी, लेकिन शुरू में उन्हें बच्चों की बात पर यकीन नहीं हुआ। अगले दिन बच्ची के पिता ने स्कूल जाकर चश्मदीद दो अन्य बच्चों से पूछताछ की, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की। इसके बाद स्कूल प्रबंधन समिति, पंचायत, और खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को सूचित किया गया। बच्ची के पिता ने नेरवा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
नेरवा पुलिस थाने के सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) रणदीप चौहान ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है, लेकिन बच्चों के अलावा कोई अन्य चश्मदीद न होने के कारण जांच में कठिनाई आ रही है। पुलिस क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि अपहरणकर्ताओं का सुराग मिल सके।
यह घटना हिमाचल प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आई अपहरण की कई घटनाओं में से एक है। स्थानीय लोग और स्कूल प्रशासन इस घटना से चिंतित हैं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
