शिमला, 5 नवंबर : हिमाचल प्रदेश के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में मंगलवार को मौसम ने करवट बदली। शिंकुला, बारालाचा, कुंजुम और रोहतांग दर्रे की चोटियों पर हल्का हिमपात हुआ, जिससे पूरे प्रदेश में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। इससे ठंड का असर बढ़ गया है और अधिकतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस से अधिक की कमी आई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा गिरावट ताबो में 5.3 डिग्री सेल्सियस रही। वहीं, भरमौर, रिकांगपिओ और कुफरी में 3.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई। शिमला, लाहौल-स्पीति और मनाली जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में दोपहर बाद घने बादल छाए रहे, जिससे दिनभर ठंडक बनी रही।
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, पांच नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ का हल्का प्रभाव रहेगा। इस दौरान एक-दो स्थानों पर हिमपात और वर्षा की संभावना है। हालांकि, छह नवंबर से अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान जताया गया है।
न्यूनतम तापमान के मोर्चे पर भी ठंड ने जोर दिखाया। प्रदेश के तीन स्थानों पर न्यूनतम तापमान जमावबिंदु से नीचे दर्ज किया गया। ताबो में सबसे कम -3.8 डिग्री सेल्सियस, कुकुमसेरी में -0.9 डिग्री और केलंग में -0.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की सामान्य गिरावट आई है। सबसे अधिक कमी शिमला में तीन डिग्री, सोलन व मंडी में 2.5 डिग्री तथा कल्पा में दो डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई।
वहीं, प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना में 31.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मैदानी इलाकों में अभी भी गर्मी का एहसास करा रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
