बैजनाथ, 15 नवंबर : हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने शनिवार को बैजनाथ में आयोजित पत्रकार वार्ता में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि बोर्ड दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के बाद छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को नैट पब्लिक डोमेन में अपलोड करने की नई पहल पर विचार कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और छात्रों को उनकी कार्य कुशलता का सही आकलन प्रदान करना है।
डॉ. शर्मा ने कहा, “यदि उत्तर पुस्तिका में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो छात्र या उनके अभिभावक तुरंत ऑनलाइन रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे।” इससे मूल्यांकन में शंकाओं को दूर करने में मदद मिलेगी।
बोर्ड की कार्य प्रणाली की सराहना करते हुए डॉ. शर्मा ने बताया कि दो वर्ष पहले बोर्ड देश में 25वें स्थान पर था, लेकिन अब यह पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशों का जिक्र करते हुए कहा कि बोर्ड हिमाचल की संस्कृति और संस्कारों को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने जा रहा है।
इसके अलावा, देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती के उपलक्ष्य में पुस्तक ‘द विजनरी’ का अनावरण किया गया। डॉ. शर्मा ने बताया कि इस बुक्लेट को प्रदेशभर के छात्रों तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही, युवाओं तक पहुंचाने की एक नई पहल की शुरुआत हुई है।
पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. राजेश शर्मा ने बोर्ड की इन पहलों को शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव बताया।
