शिमला, 17 नवंबर 2025: हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर बड़ा अपडेट आया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतों और नगर निकायों की सीमाओं में किसी भी तरह के बदलाव पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। आयोग ने यह कदम आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) का सख्ती से पालन करते हुए उठाया है।
आयोग द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया है कि जैसे ही निर्वाचन प्रक्रिया शुरू हो जाती है, संबंधित क्षेत्रों की सीमाएं फ्रीज हो जाती हैं और उसके बाद कोई परिसीमन या सीमा परिवर्तन नहीं किया जा सकता। इस आदेश के बाद अब पंचायतों व नगर निकायों की सीमाओं में कोई फेरबदल नहीं होगा।
सरकार की प्रक्रिया पर लगी ब्रेक
हाल ही में प्रदेश सरकार ने नादौन नगर पंचायत और ऊना नगर निगम के क्षेत्र विस्तार को लेकर 20 दिन की आपत्ति अवधि दी थी। प्रभावित पक्षों से आपत्तियां मंगवाई जा रही थीं, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना जारी होते ही पूरी प्रक्रिया पर रोक लग गई है।
हाईकोर्ट में कोई नोटिस नहीं
पंचायत चुनाव को लेकर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में चल रहे किसी भी मामले में न तो राज्य निर्वाचन आयोग और न ही पंचायती राज विभाग को कोई नोटिस प्राप्त हुआ है। दोनों विभागों ने इस संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
चुनाव समय पर होने की संभावना प्रबल
राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने कहा, “आचार संहिता लागू होने के बाद सीमाओं में कोई बदलाव स्वीकार्य नहीं है। हमने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी है।” इस कदम से पंचायत चुनाव निर्धारित समय पर कराने की राह लगभग साफ हो गई है।
राज्य में लंबे समय से लंबित पंचायती राज चुनाव अब बिना किसी बाधा के जल्द आयोजित होने की उम्मीद जगी है। आयोग की इस सख्ती से जहां एक तरफ चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक दखलंदाजी पर भी अंकुश लगेगा।
पंचायत चुनाव को लेकर प्रदेश की जनता बेसब्री से इंतजार कर रही है। आयोग के इस फैसले ने तय समय पर चुनाव कराने का भरोसा और मजबूत कर दिया है।
