हिमाचल प्रदेश में सातवें और आखिरी चरण में लोकसभा के चुनाव है. यहां सभी 4 लोकसभा सीट के साथ 6 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी होना है. चुनाव प्रक्रिया संपन्न करवाने के लिए पोलिंग पार्टियां अपने-अपने पोलिंग बूथ के लिए रवाना हो चुकी है. इसके लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों की मदद ली जा रही है. हिमाचल पथ परिवहन निगम ने अपनी 1 हजार 408 बेसन और पांच टेंपो ट्रैवलर को पोलिंग पार्टी को गंतव्य तक पहुंचाने की ड्यूटी पर लगाया है.
इसकी वजह से राज्य में 150 से ज्यादा रूट प्रभावित हो रहे हैं. आने वाले दो-तीन दिन तक राज्य के लोगों को समस्या का सामना करना पड़ सकता है.
लोगों को हो सकती है परेशानी
हिमाचल पथ परिवहन निगम के जनरल मैनेजर पंकज सिंगला ने बताया कि HRTC की बसों को चुनावी ड्यूटी के लिए भेजा गया है. इसका प्रभाव 150 रूटों पर पड़ेगा. हालांकि लोगों की सुविधा के लिए एचआरटीसी की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है. जो बसें लॉन्ग रूट से आकर बस अड्डे पर रूकती हैं, उन्हें भी अलग-अलग स्थान पर लोगों की सुविधा के लिए भेजा जाएगा. इसके अलावा रिजर्व बसें भी यात्रियों को गंतव्य स्थल तक पहुंचाने के लिए इस्तेमाल की जाएंगी.
6 हजार 589 पोलिंग पार्टियां रवाना
गुरूवार शाम तक प्रदेश भर के अलग-अलग जिलों में 6 हजार 589 पोलिंग पार्टियां अपने गंतव्य के लिए रवाना कर दी गई हैं. कांगड़ा जिले में 1 हजार 617, मंडी में 1 हजार 196, शिमला में 967, चंबा में 624 पोलिंग पार्टियां अपने-अपने गंतव्य स्थानों के लिए रवाना कर दी गई हैं. इसी प्रकार सोलन में 582, कुल्लू में 571, बिलासपुर में 409 और सिरमौर में 403 पोलिंग पार्टियां रवाना कर दी गई हैं. किन्नौर की सभी 128 और लाहौल-स्पीति की सभी 92 पोलिंग पार्टियां भी रवाना कर दी गई हैं.
