मंडी, 11 दिसंबर
हिमाचल प्रदेश सरकार के तीन साल पूरे होने पर गुरुवार को मंडी में आयोजित होने वाले ‘जन संकल्प सम्मेलन’ के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) ने प्रदेश के 31 डिपो से कुल 1073 बसें लगा दी हैं। इन बसों को बुधवार से ही विभिन्न क्षेत्रों से मंडी की ओर रवाना किया जा रहा है, जिसके चलते आम यात्रियों को बुधवार पूरे दिन भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
बुधवार को कई प्रमुख रूटों पर बसें या तो नहीं चलीं या बहुत कम चलीं। निगम ने ज्यादातर रूटों को आपस में क्लब (मर्ज) कर दिया, जिससे लोगों को या तो टैक्सी लेकर महंगे दामों पर जाना पड़ा या फिर घंटों इंतजार के बाद बस मिली। कई यात्री तो अपने कार्यस्थल तक समय पर नहीं पहुंच पाए।
निगम का दावा – परेशानी नहीं होने दी
परिवहन निगम के चीफ जनरल मैनेजर पंकज सिंघल ने कहा कि जिन रूटों पर रोजाना 5-6 बसें चलती थीं, वहां 1-2 फेरे कम किए गए हैं। कुछ रूटों को आपस में जोड़कर सेवाएं जारी रखी गई हैं। उन्होंने दावा किया कि ज्यादातर बसें वर्कशॉप में खड़ी या रिजर्व थीं, इसलिए आम जनता को ज्यादा असुविधा नहीं हुई।
हालांकि मैदान में स्थिति इसके उलट दिखी। शिमला, कुल्लू, मनाली, धर्मशाला, बिलासपुर, हमीरपुर सहित कई क्षेत्रों से यात्रियों ने शिकायत की कि बसें नहीं मिलीं और उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
गुरुवार सुबह 6 बजे से शुरू होगी बसों की आवाजाही
गुरुवार सुबह 6 बजे से ये सभी 1073 बसें प्रदेश के कोने-कोने से लोगों को लेकर मंडी पहुंचेंगी। समारोह खत्म होने के बाद इन्हीं बसों से लोगों को उनके गंतव्य तक वापस पहुंचाया जाएगा। मंडी बस अड्डे के अलावा अतिरिक्त पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है।
यात्रियों का कहना है कि सरकार का कार्यक्रम तो ठीक है, लेकिन आम जनता की सुविधा को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। एक यात्री ने कहा, “तीन साल का जश्न मनाने के लिए हमें पूरे दिन सड़क पर खड़ा रहना पड़ा।”
यह पहला मौका नहीं जब सरकारी आयोजनों के लिए HRTC की बसों का बड़े पैमाने पर उपयोग हुआ हो, लेकिन इस बार बसों की संख्या और उसका आम यात्रियों पर असर अब तक का सबसे बड़ा रहा है।
