शिमला, 19 दिसंबर 2025: हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने पुलिस अधिकारियों की मीडिया इंटरैक्शन पर सख्त निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के तहत जिला स्तर पर पुलिस अधीक्षक (SP) और रेंज स्तर पर डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) से नीचे के अधिकारियों को मीडिया से बात करने या आधिकारिक बयान जारी करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कदम जांच की गोपनीयता बनाए रखने, भ्रामक सूचनाओं को रोकने और विभाग की एकसमान छवि पेश करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नए नियमों की मुख्य बातें
पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय द्वारा जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि थाना प्रभारी (SHO), सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी (SDPO) सहित सभी निचले स्तर के अधिकारी अब अपनी मर्जी से प्रेस ब्रीफिंग, इंटरव्यू या कोई टिप्पणी नहीं दे सकेंगे।
• किसे मिली अनुमति?
केवल जिला SP और रेंज DIG ही आधिकारिक रूप से मीडिया से बात कर सकेंगे। लेकिन उन्हें भी पुलिस मुख्यालय से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
• प्रतिबंध के दायरे में क्या शामिल?
यह रोक केवल टीवी या प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया (फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम आदि) पर पुलिस कार्रवाइयों का विवरण साझा करना, प्रिंट मीडिया को सीधे बयान देना या किसी जांच/नीति पर टिप्पणी करना पूरी तरह वर्जित है।
कानूनी आधार और सजा का प्रावधान
यह निर्देश केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम 1964 की नियम 7 के तहत जारी किया गया है, जिसमें बिना अनुमति सरकारी जानकारी मीडिया को देने पर रोक है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम 2007 और पंजाब पुलिस रूल्स का भी हवाला दिया गया है।
उल्लंघन करने वाले अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए विभागीय जांच और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
क्यों जरूरी हुआ यह कदम?
पुलिस प्रशासन का कहना है कि अलग-अलग स्तरों से आने वाले बयानों से कई बार जांच प्रभावित होती है, गोपनीयता भंग होती है और जनता में विरोधाभासी संदेश जाता है। सूचनाओं के केंद्रीकरण से पुलिस की छवि अधिक जिम्मेदार और एकीकृत बनेगी, साथ ही फर्जी या भ्रामक खबरों पर अंकुश लगेगा।
हालांकि, कुछ मीडिया जगत के लोगों ने इसे लोकतंत्र की भावना के खिलाफ बताया है, खासकर आपात स्थितियों में स्थानीय स्तर पर त्वरित जानकारी उपलब्ध कराने के लिहाज से।
यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और सभी जिलों व यूनिट्स को इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
