बैजनाथ, 8 जनवरी: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित बैजनाथ कस्बे में पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय उच्चमार्ग पर प्रशासन द्वारा हाल ही में चलाई गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का सकारात्मक असर दिखने लगा है। “पीला पंजा” अभियान के बाद मुख्य बाजार के दुकानदार स्वयं आगे आकर अपने प्रतिष्ठानों के बाहर बने अवैध छज्जों और बढ़े हुए निर्माण को हटाना शुरू कर दिया है।
राष्ट्रीय उच्चमार्ग के किनारे अतिक्रमण के कारण आए दिन ट्रैफिक जाम लगता था, जिससे यातायात बाधित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। प्रशासन की सख्त कार्रवाई के बाद व्यापारियों में जागरूकता आई है। दुकानदारों का कहना है कि वे प्रशासन का पूर्ण सहयोग कर रहे हैं और नियमों का पालन करते हुए अपने व्यवसाय चलाना चाहते हैं, ताकि भविष्य में किसी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।

स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने इस मुहिम का खुलकर स्वागत किया है। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटने से सड़क चौड़ी होगी, यातायात सुचारू रहेगा और पैदल यात्रियों को भी राहत मिलेगी। कई लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि यह मुहिम जारी रहनी चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने दुकानदारों की स्वैच्छिक पहल की सराहना की और कहा कि यदि सभी इसी तरह सहयोग करेंगे तो बैजनाथ बाजार को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सकता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में राष्ट्रीय उच्चमार्ग पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बहुमंजिला इमारतें बनी बड़ी चुनौती
हालांकि दुकानदारों द्वारा छज्जे और छोटे कब्जे हटाना सकारात्मक कदम है, लेकिन प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बाजार में बन रही बहुमंजिला इमारतें हैं। इन भवनों के मालिक राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर बेखौफ अवैध निर्माण कर रहे हैं। कई जगहों पर सड़क से मात्र 2-3 मीटर की दूरी पर सेप्टिक टैंक और सीवरेज सिस्टम बना दिए गए हैं, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
प्रशासन द्वारा दर्जन भर अवैध कब्जे हटाना सराहनीय है, लेकिन निर्माणाधीन और बने हुए इन भवनों पर कार्रवाई न होना बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। स्थानीय लोग दबी जुबान में कह रहे हैं कि राजनीतिक दबाव के कारण इन पर हाथ नहीं डाला जा रहा। इन अवैध निर्माणों की वजह से बाजार दिन-प्रतिदिन सिकुड़ता जा रहा है और ट्रैफिक जाम की समस्या गंभीर हो गई है।
जाम में फंसी एम्बुलेंस, मरीज ने तोड़ा दम
हाल ही में बीड़-बिलिंग घाटी में पैराग्लाइडिंग हादसे में घायल पायलट को ले जा रही एम्बुलेंस बैजनाथ क्षेत्र में ट्रैफिक जाम में फंस गई। जाम के कारण एम्बुलेंस करीब एक घंटे तक नहीं निकल पाई और टांडा अस्पताल पहुंचने से पहले ही पायलट की मौत हो गई। यह घटना अतिक्रमण और जाम की गंभीरता को उजागर करती है।
बैजनाथ में ऐतिहासिक बैजनाथ शिव मंदिर होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जो जाम से परेशान रहते हैं। इसके अलावा यह मार्ग पठानकोट से लेह-लदाख तक भारतीय सेना की रसद पहुंचाने के लिए भी महत्वपूर्ण है, इसलिए सैन्य दृष्टि से भी इसकी सुगमता जरूरी है।
लोगों की मांग है कि प्रशासन छोटे अतिक्रमणों के साथ-साथ बड़े अवैध निर्माणों पर भी सख्त कार्रवाई करे, ताकि बैजनाथ को जाम मुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।
