बैजनाथ (कांगड़ा), 15 जनवरी 2026: हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक बैजनाथ शिव मंदिर में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर इस वर्ष एक अनोखा और रिकॉर्डतोड़ घृत मंडल तैयार किया गया है। यहां 3.25 क्विंटल (325 किलोग्राम) शुद्ध देसी घी से मक्खन बनाकर भगवान शिव का आकर्षक शिवलिंग सजाया गया है। यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी मात्रा में घी का उपयोग घृत मंडल के लिए किया गया है।
पुजारी सुरेंद्र आचार्य ने बताया कि परंपरा के अनुसार शुद्ध देसी घी को 108 बार शुद्ध शीतल जल से धोकर इसका मक्खन तैयार किया जाता है। मकर संक्रांति के दिन दोपहर 12 बजे रुद्राभिषेक के बाद पांच पुजारियों की देखरेख में घृत मंडल का कार्य शुरू हुआ। शाम करीब 7:30 बजे विभिन्न प्रकार के ड्राई फ्रूट्स से भोले शंकर के इस दिव्य रूप का शृंगार पूरा हुआ।
यह घृत मंडल लगभग 4 फुट ऊंचा है और सात दिनों (21 जनवरी तक) शिवलिंग पर चढ़ा रहेगा। इसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत इसे हटाकर श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। मान्यता है कि इस घी-मक्खन से बने प्रसाद से चर्म रोगों का इलाज होता है और यह मंदिर की पुरानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है।
तहसीलदार रमन ठाकुर ने जानकारी दी कि इस धार्मिक आयोजन की तैयारियां 11 जनवरी से ही शुरू हो गई थीं। कांगड़ा से विशेषज्ञ पुजारी अजय शर्मा अपनी टीम के साथ पहुंचे, जबकि स्थानीय युवा प्रियांशु ने भी सहयोग किया। मंदिर को प्राकृतिक फूलों, विद्युत लाइटों और अन्य सजावट से भव्य रूप दिया गया है, जिससे रात्रि में यह अत्यंत मनमोहक और दिव्य प्रतीत होता है।
इस अवसर पर विधायक किशोरी लाल, एसडीएम संकल्प गौतम, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनुराग शर्मा, तहसीलदार रमन ठाकुर, मिलाप राणा, व्यापार मंडल प्रधान मनोज कपूर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। हजारों भक्त इस घृत मंडल स्वरूप में भोलेनाथ के दर्शन कर मनौतियां मांगते हैं और वरदान प्राप्त करते हैं।
यह परंपरा बैजनाथ मंदिर की विशेषता है, जहां मकर संक्रांति से सात दिनों तक विशेष पूजा-अभिषेक चलता है और भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
