स्मार्ट मीटरों के विरोध में बोले पूर्व मंडल महामंत्री चेतक कंवर
बैजनाथ 9फ़रवरी 2026: प्रदेश में स्मार्ट विद्युत मीटर लगाए जाने के फैसले को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में पालमपुर के पूर्व मंडल महामंत्री चेतक कंवर ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार को स्मार्ट मीटर लगाने से पहले विद्युत विभाग की चरमराई व्यवस्था को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
चेतक कंवर ने कहा कि लंबे समय से प्रदेश की जनता स्मार्ट मीटरों के विरोध में सड़कों पर उतरकर आवाज उठा रही है। जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं और सरकार को ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि सुक्खू सरकार प्रदेश की शरीफ जनता को संदेह की नजर से देख रही है और बिजली चोरी के नाम पर फरमान जारी कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के भारी दबाव के बावजूद यदि सरकार अपने फैसले से पीछे नहीं हट रही है, तो इससे यह स्पष्ट होता है कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी और सरकार के बीच कोई बड़ी डील जरूर है। चेतक कंवर ने कहा कि इस पूरे मामले में सरकार की भूमिका ‘हाथी के दांत दिखाने के और, खाने के और’ वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है।
पूर्व मंडल महामंत्री ने विद्युत विभाग की जमीनी हकीकत बताते हुए कहा कि आज के आधुनिक युग में भी कई स्थानों पर बिजली के खंभों की जगह बांस, टूटी-फूटी पाइपों और पेड़ों के सहारे बिजली की तारें लटकी हुई हैं। कई इलाकों में बिजली की आंख-मिचौली आम बात है, बल्ब मोमबत्ती की तरह टिमटिमाते हैं और तारों का जाल मकड़ी के जाले जैसा दिखाई देता है।
उन्होंने आगे कहा कि जरा-सी हवा या तूफान आने पर, बादलों की गड़गड़ाहट शुरू होते ही बिजली गुल हो जाती है और कई क्षेत्रों में पूरी-पूरी रात अंधेरे में गुजरती है। ऐसी अव्यवस्थित कार्यप्रणाली के कारण विभाग को भारी राजस्व घाटा भी उठाना पड़ता है।
चेतक कंवर ने सुझाव दिया कि सरकार को स्मार्ट मीटर लगाने के बजाय पहले इन मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। साथ ही उन्होंने अंडरग्राउंड बिजली लाइनों को बिछाने और विभागीय ढांचे को मजबूत करने के लिए कोई ठोस और बड़ी योजना लाने की मांग की।
