बैजनाथ 25 फ़रवरी:
हाल ही में आयोजित एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) समिट के दौरान हुई घटनाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी की नेता रविता भारद्वाज ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर किया गया विरोध देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है।
रविता भारद्वाज ने कहा कि जब वैश्विक स्तर पर भारत की तकनीकी क्षमता, नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे भविष्य के क्षेत्रों में बढ़ती भूमिका की सराहना हो रही है, उस समय कांग्रेस से जुड़े लोगों द्वारा हंगामा करना “दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक” है। उनके अनुसार, एआई समिट जैसे महत्वपूर्ण मंच पर राजनीतिक विरोध दर्ज कराने की बजाय राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक हताशा के चलते कांग्रेस देशहित से ऊपर दलगत सोच को रख रही है। “यह केवल एक कार्यक्रम का विरोध नहीं था, बल्कि भारत की प्रगति के खिलाफ मानसिकता का प्रदर्शन था,” उन्होंने कहा।
भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि क्या अंतरराष्ट्रीय मंचों का उपयोग घरेलू राजनीतिक विरोध के लिए किया जाना उचित है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण और माफी की मांग की।
रविता भारद्वाज ने कहा कि देश का युवा वर्ग एआई और नई तकनीकों के माध्यम से भविष्य गढ़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जबकि विपक्ष नकारात्मक राजनीति में उलझा हुआ है। उनके अनुसार, जनता अब ऐसी राजनीति को समझ चुकी है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एआई जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत की वैश्विक भूमिका को लेकर सहमति और सहयोग की आवश्यकता है, ताकि तकनीकी विकास और राष्ट्रीय प्रतिष्ठा दोनों को सुदृढ़ किया जा सके।
