पधर
नियमों की अवहेलना करके बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले स्कूल संचालकों की अब खैर नहीं। सुप्रीम कोर्ट व प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार स्कूली बसों पर प्रशासनिक स्तर पर लगाम कसी गई है। इसी
कड़ी में मंगलवार को पद्धर के सभी निजी स्कूल सचालकों की एक बैठक का आयोजन किया गया।
जिसमें पद्धर 14 निजी स्कूलों के संचालको ने भाग लिया।
एसडीएम सुरजीत सिंह व आरटीए कार्यलय से रमन शर्मा ने सभी ने स्कूल संचालकों को हाईकोर्ट के निर्देशों पर स्कूल वैन, बस की निर्धिरित मांपदड पूरा करने के निर्देश दिए । बैठक में एसडीएम ने बताया की हाईकोर्ट के आदेश हैं कि बच्चों को ले जाने वाले वाहनों में सुरक्षा के उचित मापदंड होने चाहिए ताकि बच्चों की ¨जदगी से खिलवाड़ न हो सके। इसके लिए सभी स्कूली बसों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीआरएस सिस्टम, महिला स्टाफ की नियुक्ति आदि का होना आवश्यक है। साथ ही वैन में स्पीड गर्वनर भी आवश्यक लगा होना चाहिए तथा 6 मीटर की बस में एक कैमरा व उससे बड़ी बस में 2 कैमरे आवश्यक है। उन्होंने कहा की पिछले माह भी बैठक हुई थी। इसमें स्कूल वचनों को निर्धारित मापंदड पूरे करने के निर्देश दिए थे लेकिन कुछ संचालकों ने अभी तक मांपदड पूरे नहीं किए है। इस कारण हाईकोर्ट की कारवाई का अंदेशा है। उन्होंने कहा की मापदंड पूरे करवाने के लिए आरटीए नरेन्द्र मलिक तथा विभाग की टीम समय समय पर जांच करती रहती है। 4 फरवरी को भी हाईकोर्ट के आदेशों पर गठित एक टीम रतिया में सभी स्कूलों के वाहनों की जांच करेगी। इसलिए सभी स्कूल संचालक 4 फरवरी तक अपने नियम पूरे कर ले जिन वाहनों में कमियां पाई जायेगी, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। बैठक में स्कूलों के प्रबंधकों ने भी अपनी समस्याएं रखी ।
पद्धर एसडीएम सुरजीत सिंह ने कहा कि गाइडलाइन अनुसार स्कूली बसों में जीपीएस सिस्टम, अग्निशमन यंत्र, फस्र्ट एड बॉक्स होना अनिवार्य है तथा बस में वैद्य लाइसेंसधारक चालक-परिचालक होना चाहिए। बस में जो बच्चे आते-जाते हैं, उनका रिकॉर्ड होना चाहिए। इसके अलावा बसों में सीटों की क्षमता अनुसार ही बच्चे बैठे होने चाहिए। स्कूली बच्चों को घर से स्कूल लाने व स्कूल से घर छोडऩे तक छोड़ने के लिये बसों में एक सहायक भी जरूरी है ताकि बच्चे सुरक्षित उतर व चढ़ सकें। स्कूल बसों की फिटनेस व सर्विस समय पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूली बसों की दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए यह निर्णय लिया गया है उन्होंने स्कूल संचालकों को भी निर्देश दिया है कि स्कूल वाहन में कोई कमी नहीं होनी चाहिए तथा निजी स्कूल बसों की चैकिंग
भी की जाएगी जिसमें अगर किसी बस में कोई कमी पाई गई तो सख्त एक्शन लिया जाएगा।बैठक में स्कूलों के प्रबंधकों ने भी अपनी समस्याएं रखी जिसे एसडीएम ने गंभीरता से सुना और उसे आगे सरकार विभाग को भेजने के लिये भी आश्वासन भी दिया ।
