पधर
वन विभाग उरला व थाना प्रभारी के संयुक्त रुप से लकड़ी, वन उपज व वन्य जीव की अवैध तस्करी को रोकने के लिये झटिंगरी के पास नाका लगाया हुआ था । इस दौरान एचपी 28 ए-5192 जो टिक्कन से घटासनी की तरफ आ रही गाड़ी को चेकिंग हेतु रोका गया व गाड़ी चालक का नाम पूछा गया तो गाड़ी चालक ने अपना नाम दीप कुमार पुत्र बुद्धि सिंह गांव डलाह, डाकघर पधर बताया तथा गाड़ी चालक दीप कुमार से गाड़ी में ले जा रहे सामान के बारे में पुछा तो वह कोई संतोष जनक जबाव ना दे सका । गाड़ी के डाला को नीले प्लास्टिक तरपाल से ढक्का हुआ था गाड़ी उपरोक्त के तरपाल व फट्टों को खोलकर चैक किया तो गाड़ी पिकअप के डाला के अन्दर लकड़ी सलिप्पर भरे हुये पाये गये। लकड़ी सलिप्पर के बारे गाड़ी चालक दीप कुमार उपरोक्त से परमिट मांगा तो गाड़ी उपरोक्त का चालक कोई भी परमिट इस लकड़ी के बारे पेश ना कर पाया। गाड़ी उपरोक्त में लोड़ सलिप्पर 41नग भिन्न भिन्न आकार के होना पाये। वन विभाग द्वारा बरामदा लकड़ी सलिप्पर रैई की है जिसकी कुल कीमत 3,12,817 रुपये होना बतलाई गई है। आरोपी दीप कुमार द्वारा बिना परमिट के 41 सलीप्पर रैई को अपनी गाडी न०एचपी 28 ए-5192 में चुरा कर अवैध रुप से ले जाने पर मुकदमा नं0-142/23 पर अधीन धारा 379 , 41,42 भारतीय वन अधिनियम के अन्तर्गत थाना पधर में पंजीकृत किया गया है। मुकदमा में आरोपी दीप कुमार को गिरफ्तार किया गया है जिसे माननीय न्यायालय मण्डी में पेश किया गया ।
