कांग्रेस सरकार लगातार प्रदेश की जनता को गुमराह कर रही है। मुख्यमंत्री की हर चुनाव में अलग किस्म की बयानबाजी सामने आती है। शिमला नगर निगम चुनाव में मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं शिमला का हूं और कांग्रेस को जि़ताओ और जब यहां लोकसभा और विधानसभा के चुनाव हमीरपुर में होने लगे हैं, तो कहा कि मैं हमीरपुर का हूं। जब वह देहरा में अपनी पत्नी को चुनाव लड़वा रहे हैं, तो कह रहे हैं मैं ही देहरा हूं। यह कहना था नयनादेवी के विधायक व हमीरपुर उपचुनाव के मुख्य प्रभारी रणधीर शर्मा का। रणधीर शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री मौकाप्रस्त राजनीति कर रहे हैं, न वह देहरा के हैं, न हमीरपुर के, न ही शिमला के हैं और न प्रदेश के हैं, वह केवल मित्रों के हैं।
उन्होंने बताया कि अगर मुख्यमंत्री किसी के लिए काम कर रहे हैं, तो सिर्फ मित्रों के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने लगभग अपने 30 मित्रों में किसी को अध्यक्ष किसी को चेयरमैन और किसी को तो कैबिनेट रैंक तक देकर मित्रों की सरकार बना दी। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ साल में उन्होंने हमीरपुर के लिए न कोई नई योजना ना कोई नया काम शुरू किया और उल्टा अपनी सरकार में उन्होंने हमीरपुर में चल रही योजनाएं एवं काम बंद करवाने का काम किया, चाहे हमीरपुर का सर्विस सिलेक्शन बोर्ड हो, चाहे वह लबलू का डिग्री कालेज हो, जल शक्ति विभाग की शाखा हो सब बंद कर दिए। यहां तक कि नादौन विधानसभा की जलशक्ति विभाग की शाखा भी बंद करवा दी। उन्होंने बताया सीएम ने गलोड़ जो की नादौन विधानसभा में आता है वहां का डिग्री कॉलेज भी बंद करवा दिया, जिससे हमीरपुर विधानसभा में रहने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
