हिमाचल प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्र में 10 जुलाई को मतदान होना है. आज चुनाव प्रचार का आखिरी दिन था. चुनाव प्रचार के आखिरी दिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने देहरा विधानसभा क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन किया और कमलेश ठाकुर के लिए जनता से वोट मांगे. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस प्रत्याशी और धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर की जीत के लिए देहरा की जनता से कई बड़े वादे किए. यही नहीं मुख्यमंत्री ने देहरा की जनता को एक गजब ऑफर भी दे डाला.
चुनावी मैदान में CM सुक्खू की धर्मपत्नी
गौर हो कि कमलेश ठाकुर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी हैं और देहरा विधानसभा क्षेत्र का चुनाव लड़ रही हैं. यहां उनका मुकाबला भाजपा के होशियार सिंह के साथ है. मतदान 10 जुलाई को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा. इसके नतीजे 13 जुलाई को आएंगे. मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी को चुनाव जितवाने के लिए यहां पूरा दम लगा दिया है.
देहरा की जनता को दिया गजब ऑफर
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा- ‘देहरा का उपचुनाव यहां के लोगों की सम्मान की लड़ाई है. पूर्व विधायक होशियार सिंह को जनता सबक सिखाएगी. कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश ठाकुर को जिताएं और विधायक के साथ मुख्यमंत्री भी पाएं.
स्वतंत्रता दिवस का अगला राज्यस्तरीय कार्यक्रम देहरा में मनाया जाएगा और इस कार्यक्रम से पहले पौंग बांध विस्थापितों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित होगा. पूर्व विधायक ने साढ़े छह साल में देहरा की किसी समस्या के लिए धरना नहीं दिया, लेकिन अपना इस्तीफा स्वीकार कराने के लिए वह विधानसभा के बाहर धरने पर बैठ गए. वे कोर्ट भी गए, क्योंकि उन्होंने भाजपा के साथ मिलकर एक चुनी हुई सरकार को गिराने की साजिश रची, जो असफल रही’.
’13 जुलाई को 41 हो जाएगी कांग्रेस के विधायकों की संख्या’
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस बार होशियार सिंह की होशियारी नहीं चलेगी. वह देहरा की जनता को झूठ बोलकर गुमराह नहीं कर पाएंगे. छह साल तक वह अपने क्षेत्र का विकास कराने में असफल रहे. क्षेत्र के विकास के लिए मिलने वाली विधायक निधि से वह अपने फाइव स्टार रिजॉर्ट के लिए एक करोड़ का रास्ता बनवा रहे हैं.
सरकारी फंड का दुरुपयोग कर रिजॉर्ट के लिए डंगे लगाए जा रहे हैं, जबकि देहरा की सड़कों का बुरा हाल है. होशियार सिंह को देहरा की जनता की नहीं, अपने रिजॉर्ट की चिंता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता ने धनबल की राजनीति को नकार कर कांग्रेस के विधायकों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी है. अब कांग्रेस की संख्या में तीन और बढ़ने वाली है और 13 जुलाई को कांग्रेस के विधायक 41 हो जाएंगे.
