कु्ल्लू। हिमाचल प्रदेश की अनुभवी पर्वतारोही पलक ठाकुर ने एक बार फिर प्रदेश का नाम रोशन किया है। बता दें कि हाल ही में 17 से 21 सितंबर तक लद्दाख में स्थित 6100 मीटर ऊँची कियागर चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। जिसके बाद पलक के नाम एक और उपलब्धि आ गई है।
पलक ठाकुर के नाम ये उपलब्धियां
पलक ठाकुर का पर्वतारोहण का सफर अद्वितीय रहा है। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण और एलीट स्पोर्ट्स संस्थान से कई महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम पूरे किए हैं, जिनमें एडवांस्ड मैथड ऑफ इंस्ट्रक्शन शामिल है। इस स्तर के प्रशिक्षण ने उन्हें न केवल तकनीकी कौशल सिखाए बल्कि मानसिक दृढ़ता भी विकसित की।
बता दें कि पलक ने ए. एक्स ग्रेड प्राप्त किया है, जो इस क्षेत्र का सर्वोच्च मानक माना जाता है। इसके अलावा, उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु का पुरस्कार भी मिल चुका है, जो उनके प्रति उनकी प्रतिबद्धता और कौशल का प्रमाण है।
कियागर चोटी पर पहुंची पलक
कियागर चोटी पर चढ़ाई करने के अनुभव को साझा करते हुए पलक ने कहा कि इस यात्रा का सबसे यादगार पल था जब वह चोटी पर पहुंची और चारों ओर फैले पर्वतों, झीलों और ग्लेशियरों का अद्भुत 360 डिग्री दृश्य देखा। इस दृश्य ने उन्हें महसूस कराया कि प्रकृति की सुंदरता और शक्ति कितनी अद्भुत है। उन्होंने कहा, “यह एक ऐसा अनुभव था, जिसने यात्रा को अविस्मरणीय बना दिया।”
माउंट एवरेस्ट है अगला लक्ष्य
कियागर चोटी की चढ़ाई ने पलक के लिए माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई का सपना पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। इस चढ़ाई ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से और भी मजबूत बनाया है।
पलक का मानना है कि हर एक कदम जो वह चढ़ाई में उठाती हैं, वह उन्हें उनके लक्ष्य के करीब लाता है। उनके अनुसार, इस तरह के अभियानों से ही पर्वतारोहियों को अपनी सीमाओं को पहचानने और उन्हें पार करने का अवसर मिलता है।
बाधाओं से नहीं डरी पलक
पलक की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत स्तर पर ही नहीं, बल्कि आने वाले पर्वतारोहियों के लिए भी एक प्रेरणा बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि युवा लड़कियां भी पर्वतारोहण की दिशा में आगे बढ़ें। यह न केवल शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण है, बल्कि यह मानसिक रूप से भी आपको मजबूत बनाता है।
पलक ठाकुर की चढ़ाई ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि आप अपने सपनों को सच्चाई में बदलने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, तो कोई भी बाधा आपको रोक नहीं सकती। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह दिखाती है कि साहस और दृढ़ता से कठिनाइयों को पार किया जा सकता है। अब, पलक माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की तैयारी कर रही हैं, और उनके प्रशंसक और साथी पर्वतारोही उनके आगामी अभियानों के लिए उत्साहित हैं।
