मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बुधवार को शिमला से दिल्ली और फिर बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए हैं। वह पहले दो दिन यानी 26 और 27 को कांग्रेस वर्किंग कमेटी में हिस्सा लेंगे और उसके अगले दो दिन दिल्ली प्रवास के लिए रखे गए हैं। दिल्ली जाने से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हिमाचल सरकार के लिए वित्तीय तौर पर केंद्र सरकार का रवैया ठीक नहीं है। इस बार वह केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकातें करेंगे। इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री से भी समय मांगा गया है। 28 या 29 दिसंबर को मुलाकात हो सकती है। इस दौरान मुख्यमंत्री उनसे पोस्ट डिजास्टर नीड असेस्मेंट के 9000 करोड़ को लेकर वार्ता करेंगे, ताकि हिमाचल सरकार को यह क्लियर हो जाए कि यह पैसा मिल रहा है या नहीं? इसी धनराशि के लिए मुख्यमंत्री विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यह घोषणा कर चुके हैं कि यदि यह पैसा नहीं मिला, तो हिमाचल सरकार इसके लिए सुप्रीम कोर्ट भी जाएगी।

पिछले दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात नहीं हो पाई थी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट में लगातार हो रही कमीे को देखते हुए वह भारत सरकार में अपनी बात रखेंगे, क्योंकि 16वें वित्त आयोग की सिफारिश वर्ष 2026 से लागू होनी है। इसीलिए हिमाचल सरकार को 2025 के लिए अतिरिक्त मदद चाहिए।
मुख्यमंत्री पिछले दौरे के दौरान औद्योगिक पैकेज की मांग भी हिमाचल के लिए कर चुके हैं। दिल्ली दौरे के दौरान ऊना में बन रहे बल्क ड्रग पार्क के लिए भी केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से मुख्यमंत्री की मुलाकात हो सकती है। इस पार्क के लिए स्ट्रैटेजिक पार्टनर प्राइवेट लेने के बजाय राज्य सरकार खुद ही इसमें हिस्सेदारी होगी। इसलिए भी केंद्र सरकार से और मदद की जरूरत है।
