July 21, 2026
Shimla

हिमाचल बिजली बोर्ड कर्मचारियों का आज प्रदर्शन, सुक्खू सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

शिमला: हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी-इंजीनियर के संयुक्त मोर्चा ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सुक्खू सरकार से आर या पार की लड़ाई का मन बना लिया है. बिजली बोर्ड कर्मचारी संघ ने सरकार पर बोर्ड की दशा को सुधारने के बजाए बोर्ड को खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है. वहीं, हिमाचल प्रदेश सरकार ने बिजली बोर्ड में 51 इंजीनियर के पद खत्म करने के साथ ही आउटसोर्स पर रखे गए 81 ड्राइवरों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं. जिससे बिजली बोर्ड के कर्मचारी सरकार के इस फैसले से भड़क गए हैं.

ऐसे में हिमाचल बिजली बोर्ड कर्मचारी-इंजीनियर संयुक्त मोर्चा ने सरकार के फैसले के खिलाफ आज दोपहर बाद 1.30 बजे प्रदेश भर में धरना प्रदर्शन करेंगे. इस दौरान सरकार के खिलाफ आंदोलन को और उग्र करने की रणनीति भी तैयार की जाएगी, जिसमें कर्मचारी राज्य में ब्लैक आउट करने का भी फैसला ले सकते हैं.

संयुक्त मोर्चा का आरोप है कि सरकार की ओर से बिजली बोर्ड की स्थिति को ठीक करने के लिए बनाई गई कैबिनेट सब कमेटी बिजली बोर्ड को तीन हिस्सों ट्रांसमिशन, जेनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन में बांट कर इसका निजीकरण करने की कोशिश कर रही है. इसके बाद भी सरकार ने अगर सभी फैसलों को वापस नहीं लिया तो बोर्ड के कर्मचारी और अधिकारी सरकार से आर पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर हो जाएंगे.

सरकार अपने फैसले पर करे पुनर्विचार: बिजली बोर्ड कर्मचारी संघ के नेताओं का कहना है कि सरकार बिजली बोर्ड के खिलाफ हिडन एजेंडे पर काम कर रही है. उन्होंने सरकार की ओर से बोर्ड के पुनर्गठन किए जाने का आरोप लगाया है. संघ ने सरकार को इस बारे में पुनर्विचार करने की चेतावनी दी है. उनका कहना है कि अगर इसके बाद भी सरकार ने संघ की मांगों को हल्के से लेने का प्रयास किया तो प्रदेश भर में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. यही नहीं बिजली बोर्ड के संयुक्त मोर्चा ने सरकार को ब्लैक आउट की भी चेतावनी दे दी है. हिमाचल बिजली बोर्ड कर्मचारी-इंजीनियर संयुक्त मोर्चा के अनुसार सरकार बिजली बोर्ड और कर्मचारी विरोधी फैसले ले रही है. जिससे बिजली बोर्ड के कर्मचारियों में रोष है. ऐसे में अब कर्मचारी और इंजीनियरों ने सरकार को इसका कड़ा जवाब देने का मन बना लिया है.

ये हैं बिजली बोर्ड कर्मचारियों की मांगे:

हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारी और इंजीनियर विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के साथ संघर्ष कर रहे हैं. इसमें 16 अक्टूबर, 2024 को जारी अधिसूचना के तहत समाप्त किए गए इंजीनियरिंग कैडर के 51 पदों को बहाल करना. हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में आउटसोर्स पर सेवाएं दे रहे 81 ड्राइवरों को नौकरी ने निकालने के आदेश वापस लेना. बिजली बोर्ड में भी ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करना. बिजली बोर्ड में टी-मेट के 1030 पदों को जल्द भरना। वेतन आयोग का कर्मचारियों/पेंशनभोगियों को पेंशन और वेतन का बकाया जारी करना. कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के सभी लंबित टर्मिनल लाभ का भुगतान आदि प्रमुख मांगे हैं.

हिमाचल बिजली बोर्ड कर्मचारी-इंजीनियर संयुक्त मोर्चा के सह संयोजक हीरा लाल वर्मा ने कहा, “आज बिजली बोर्ड के कर्मचारी और इंजीनियर प्रदर्शन करेंगे. जिसमें सरकार ने बिजली बोर्ड के खिलाफ जो निर्णय लिए है, उसका विरोध किया जाएगा. इस दौरान सरकार से आने फैसलों को वापस लेने की मांग की जाएगी. अगर इसके बाद भी सरकार कर्मचारियों को मांग को अनसुना करती है तो आने वाले समय में आंदोलन और उग्र किया जाएगा”.

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