मंडी: जिला मंडी के जोगिंदर नगर में पानी के बिल बढ़ने से लोगों का सरकार पर गुस्सा फूटा है. जोगिंदर नगर में पानी के बिलों में सीधे तौर पर 1 हजार रुपए की बढ़ोतरी हुई है. जिसके चलते नगर परिषद जोगिंदर नगर के शहरवासियों में खासा रोष है. सोमवार को स्थानीय निवासी बढ़े हुए बिलों को हाथ में लेकर एसडीएम ऑफिस पहुंचे और एसडीएम ऑफिस के बाहर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रदेश सरकार पानी के बढ़े हुए बिलों को वापस नहीं लेती है तो आने वाले समय में उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे.
732 रूपये में 1 हजार की वृद्धि
इस मौके पर एसडीएम जोगिंदर नगर के जरिए से प्रदेश सरकार को एक ज्ञापन सौंपा गया. वहीं, धरना-प्रदर्शन में नगर परिषद जोगिंदरनगर के उपाध्यक्ष अजय धरवाल और अन्य पार्षद भी मौजूद रहे. इस दौरान अजय धरवाल ने बताया, “पिछले एक महीने पहले जल शक्ति विभाग द्वारा जब पानी के बढ़े हुए बिल शहरवासियों को थमाए गए तो उस समय 6 दिसंबर 2024 को एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया गया था. इस विरोध के बाद जल शक्ति विभाग ने बढ़े हुए बिलों को वापस ले लिया था, लेकिन इस महीने फिर से उन्हीं बढ़े हुए बिलों को जल शक्ति विभाग ने शहरवासियों को दोबारा थमा दिया है. पहले शहरवासियों को अधिकतर 732 रुपये बिल ही आता था, लेकिन अब उसमें सीधे ही 1 हजार रुपये बढ़ाकर दिया जा रहा है.”
धरना प्रदर्शन की चेतावनी
उपाध्यक्ष अजय धरवाल ने कहा कि जल शक्ति विभाग व प्रदेश सरकार द्वारा पानी के बिलों में जो एकमुश्त 1 हजार रुपये की वृद्धि की गई है, उसे जोगिंदर नगर शहर की जनता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने चेतावानी देते हुए कहा कि यदि इस धरने के बाद भी प्रदेश सरकार बढ़े हुए बिलों को वापिस नहीं लेती है तो आने वाले दिनों में जोगिंदरनगर के शहर वासियों द्वारा और उग्र धरना प्रदर्शन किया जाएगा.
बता दें कि हिमाचल प्रदेश के जिन ग्रामीण इलाकों में पहले पानी निशुल्क दिया जा रहा था. वहां पर अब प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा जनता से प्रत्येक कनेक्शन पर न्यूनतम 100 रुपये शुल्क लिया जा रहा है. वहीं, शहरी क्षेत्रों में पानी की दरें प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय की गई हैं.
