प्रयागराज : महाकुंभ में मौनी अमावस्या स्नान के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच मंगलवार-बुधवार की रात करीब 1:30 बजे संगम तट पर भगदड़ मच गई। हादसे में कई श्रद्धालुओं की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल स्वरूपरानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फ़िलहाल,आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है लेकिन बताया जा रहा है कि मृतकों का आंकड़ा 10 से 15 के बीच हो सकता है।
प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़
अफवाह बनी भगदड़ की वजह
दूसरे शाही स्नान के दौरान संगम नोज पर लाखों श्रद्धालु मौजूद थे। इसी बीच फैली अफवाह के कारण अफरा-तफरी मच गई, जिससे महिला और पुरुष श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। हालात तब और बिगड़ गए जब भीड़ उन्हें कुचलते हुए आगे बढ़ गई। पुलिस और प्रशासन ने तुरंत एंबुलेंस के जरिए घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
स्थिति नियंत्रण में, सुरक्षा कड़ी
मेला अधिकारी विजय किरन आनंद ने कहा कि भगदड़ अफवाह के कारण हुई, लेकिन अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। संगम तट पर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रस्सियों की मदद से अलग-अलग सेक्टरों में बांट रहे हैं। कुंभ मेला क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
शाही स्नान रद्द, संत समाज ने लिया बड़ा फैसला
भगदड़ की गंभीरता को देखते हुए जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने ऐलान किया कि आज शोभा यात्रा और शाही स्नान नहीं होगा। निरंजनी अखाड़े के प्रमुख कैलाशानंद गिरी महाराज ने भी कहा कि विशाल भीड़ और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी अखाड़ों ने सहमति जताई है कि वे मौनी अमावस्या पर स्नान नहीं करेंगे। संत समाज ने यह निर्णय आम जनता की भलाई को प्राथमिकता देते हुए लिया है और अब वसंत पंचमी पर शाही स्नान किया जाएगा।
पीएम मोदी और सीएम योगी की कड़ी निगरानी
महाकुंभ प्रशासन हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है। भगदड़ में कितने श्रद्धालुओं की जान गई, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, हालांकि कई लोगों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस घटना पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
अब तक 7.72 करोड़ श्रद्धालु कर चुके हैं स्नान
महाकुंभ मेला 2025 की शुरुआत 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा से हुई थी और यह 26 फरवरी तक चलेगा। अब तक 7.72 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में पुण्य की डुबकी लगा चुके हैं।
