देश साइंंस में बहुत तरक्की कर रहा है। भारत के होनहार युवा अब नित नई तकनीकें खोज रहे हैं। इसी कड़ी में वैज्ञानिकों ने देश का पहला ऐसा पेशेंट मॉनिटर विकसित किया है, जो कार्डियक अरेस्ट जैसे हालातों में भी पूर्वानुमान लगा सकेगा। राजस्थान में झुंझुनू जिला के पिलानी में संचालित केंद्र सरकार के केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (सीरी) ने इसे इजाद किया है। यहां के वैज्ञानिकों ने देश का पहला पेशेंट मॉनिटर सिस्टम बनाया है, जो जल्द ही बाजार में आने वाला है।
भारत में बना यह मॉनिटर
सिस्टम न केवल विदेशी मॉनिटर के मुकाबले सस्ता होगा, बल्कि स्मार्ट भी होगा। यही नहीं, कार्डियक अरेस्ट जैसे हालातों में भी यह मॉनिटर सिस्टम पूर्वानुमान लगाने में काफी हद तक सहायक सिद्ध होगा। यह मॉनिटर सिस्टम तकनीक देश की दो-तीन कंपनियों को दी गई है। जो जल्द ही बाजारों में इसको उतारेगी। संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. सत्यम श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक जो बाजार में पेशेंट मॉनिटर सिस्टम उपलब्ध है। उनकी कीमत 50 हजार रूपए तक है, जबकि सीएसआईआर सीरी ने जो सिस्टम बनाया है।
उसकी लागत पांच से छह हजार रुपए आई है। इसलिए 10-15 फीसदी कीमत में ही यह मॉनिटर सिस्टम बनाया है। बाजार में भी यह अधिकतम 25 फीसदी कीमत तक उपलब्ध हो जाएगा, जिससे न केवल बड़े अस्पताल, बल्कि मोहल्ला क्लिनिक या फिर गंभीर मरीज घरों में भी अपना खुद का पेशेंट मॉनिटर सिस्टम लगा सकेंगे।
मरीज को तुरंत मिलेगा इलाज
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि पेसेंट मॉनिटर सिस्टम जो फिलहाल बाजार में है। वह सभी बेसिक डेटा पर काम करते हैं, जबकि हमनें इंडियन पेशेंट मॉनिटर सिस्टम को तकनीक पर आधारित किया है। पेशेंट चाहे वार्ड में हो या फिर आईसीयू में हो। उसका पूरा डेटा नर्सिंग स्टाफ के पास आएगा। इससे नर्सिंग स्टाफ को पेशेंंट मॉनिटर सिस्टम के पास जाना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा यह डिजिटली सुरक्षित रहेगा। पेशेंट मॉनिटर सिस्टम को डॉक्टर अपने चैंबर और घर में भी देख सकेंगे। उसके मुताबिक तुरंत मरीज को इलाज दे सकेंगे।
क्या है पेशेंट मॉनिटर
पेशेंट मॉनिटर अस्पतालों में भर्ती मरीजों के बैड के सहारे लगी वह मशीन होती है, जिससे मरीज की हालत का आकलन किया जाता है। आपने भी बड़े अस्पतालों इसे देखा होगा, जिसमें मरीज की ऑक्सीजन, पल्स आदि दिखाई देती है।
