हमीरपुर: केंद्र सरकार द्वारा वकीलों पर अधिवक्ता संशोधन बिल को लागू करने के खिलाफ पर हमीरपुर न्यायिक परिसर के बाहर बार एसोसिएशन के सदस्यों ने हड़ताल कर विरोध प्रदर्शन किया. सोमवार सुबह 10 बजे न्यायिक परिसर के बाहर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार की अगुवाई में दर्जनों वकीलों ने केन्द्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान वकीलों ने अधिवकता संशोधन बिल को वापिस लेने की मांग की. इस मौके पर प्रदेश बार काउंसिल के प्रदेश उपाध्यक्ष रोहित शर्मा भी मौजूद रहे. बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने केन्द्र सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर अधिवक्ता संशोधन बिल को वापस न लिया गया तो वकील सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे.
हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल के प्रदेश उपाध्यक्ष रोहित शर्मा ने कहा, “बार काउंसिल के अंदर सरकार के नुमाइंदों को वकीलों की शिकायतें सुनने के लिए कहा जा रहा है, जो कि ठीक नहीं है. बार एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी नए बिल का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि इसके तहत अगर कोई व्यक्ति मुकदमा हार जाता है तो वो व्यक्ति वकीलों पर मुकदमा कर सकता है, जिसका वकील पूरी तरह से विरोध करते हैं.”
सरकार को वकीलों की चेतावनी
रोहित शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार देश में हर संस्थान को खत्म करने का काम कर रही है. इस दौरान सिर्फ वकील ही हर वर्ग के साथ खड़ा रहता है, लेकिन अब वकीलों के ऊपर भी कानून बनाया जा रहा है, जो कि नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार ने इस बिल को होल्ड कर दिया है, लेकिन अगर सरकार दोबारा इस बिल को लाने की कोशिश करती है, तो वकील सड़कों पर उतर कर विरोध-प्रदर्शन करेंगे.
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने कहा, “आज अधिवक्ता संशोधन बिल के विरोध में पूरे हिमाचल में प्रदर्शन किया जा रहा है. अधिवक्ता संशोधन बिल के काले कानून के विरोध में सभी वकील हड़ताल पर हैं. आज सुबह ही पता चला है कि बिल को फिलहाल के लिए होल्ड कर दिया गया है, लेकिन अगर दोबारा से बिल को लागू करने की बात की जाती है तो वकील हड़ताल करेंगे और सड़कों पर उतरकर इसका विरोध प्रदर्शन करेंगे.”
बता दें कि केंद्र सरकार 1961 के अधिवक्ता कानून में संशोधन करने जा रही है. वकीलों का एक बड़ा तबका इस संशोधन का विरोध कर रहा है. हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के अलावा भी देश भर के कई शहरों में अधिवक्ता संशोधन बिल को लेकर वकीलों ने विरोध-प्रदर्शन किया.
