कुल्लू. हिमाचल प्रदेश में बीते दो रोज से रुकरुक होने वाली बारिश और बर्फबारी अब कहर बरपाने लगी है. सूबे के कुल्लू जिले में एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है. यहां पर मणिकर्ण घाटी के तोष गांव के पास जीरा नाला भूस्खलन के चलते बंद हो गया और पानी का बहाव रुक गया है. यहां पर प्रशासन की तरफ से पार्वती नदी के आसपास रहने वालों को अलर्ट किया गया है. साथ ही प्रशासन की एक टीम भी मौके के लिए रवाना हुई है. उधर, कुल्लू से मंडी तक अलर्ट रहने के लिए कहा गया है. क्योंकि यह नदी आगे ब्यास में मिलती है.
जानकारी के अनुसार, मणिकर्ण घाटी के तोष गांव में बीती रात 2 बजे से लैंडस्लाइड हुई और फिर मलबा नाले में चला गया और पानीप का बहाव रुक गया. यहां पर इस वजह से अब झील बन गई है. जौली नाले के आसपास के क्षेत्रों और 5 मेगावॉट की 2 बिजली परियोजनाओं को खतरा बढ़ा है और साथ ही रिहायशी इलाकों को प्रशासन ने खाली करने के आदेश दिए हैं.
बताया जा रहा है कि तोष गांव से 4 किलोमीटर पहाड़ी की तरफ भूस्खलन हुआ था. यहां पर अब झील बन गई है और जिसके फटने का खतरा बना हुआ है. कुल्ली प्रशासन की तरफ से एसडीएम विकास शुक्ला अपनी आठ सदस्यों वाली टीम को घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं. एसडीएम विकास शुक्ला ने बताया कि जीरा नाला में एक डैम बन गया है और आसपास के इलाकों को खाली करने के आदेश दिए गए हैं. एसडीएम ने कहा कि टूरिस्ट पार्वती नदी के आसपास सेल्फी लेने ना जाएं. फिलहाल, प्रशासन मामले पर नजर बनाए हुए है.
