24 अगस्त 2025 : हिमाचल प्रदेश में मूसलधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंडी जिले में शनिवार रात से हो रही भारी बारिश के कारण कीरतपुर-मनाली फोरलेन हाईवे भूस्खलन की चपेट में आ गया। रातभर चले इस कहर ने सड़कों को नदियों में बदल दिया, जिससे सैकड़ों वाहन नौ मील और थलोट के पास फंस गए। पानी के तेज बहाव और मलबे ने यात्रियों में दहशत फैला दी।
रात करीब 12 बजे से शुरू हुए भूस्खलन ने हाईवे पर कई जगह तबाही मचाई। नौ मील, कैंची मोड़, और जोगनी मोड़ जैसे संवेदनशील इलाकों में बड़े-बड़े पत्थर और मलबा सड़क पर आ गिरा। छोटे नाले उफान पर आकर खड्डों में तब्दील हो गए, जिससे सड़कें पानी से लबालब हो गईं। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए मंडी की ओर से वाहनों को नौ मील और कुल्लू की ओर से थलोट पर रोक दिया।
सुबह होते ही लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीमें हरकत में आईं। कड़ी मेहनत के बाद रविवार सुबह 10 बजे हाईवे को आंशिक रूप से खोल दिया गया, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। यह मार्ग बार-बार भूस्खलन का शिकार हो रहा है, जिससे स्थानीय लोग और पर्यटक परेशान हैं।
पुलिस की अपील, सतर्क रहें यात्री
पंडोह पुलिस चौकी प्रभारी अनील कटोच ने बताया कि सुरक्षा के लिए वाहनों को रात में ही रोक दिया गया था। उन्होंने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने और मौसम की जानकारी रखने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
बढ़ता खतरा, चिंता में प्रशासन
कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर बार-बार हो रहे भूस्खलन ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इस मार्ग को बहाल करने में भारी संसाधन और समय लग रहा है। प्रशासन ने पहाड़ी इलाकों में सतर्कता बरतने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।
