शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा. इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है. विधानसभा का बजट सत्र आरंभ होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने 9 मार्च यानी रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें सदन की कार्यवाही को सही तरह से चलाने के लिए पक्ष और विपक्ष से सार्थक चर्चा की अपील की जाएगी. वहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 17 मार्च अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करेंगे. जिस पर लोगों की काफी उम्मीदें टिकी है.
बजट सत्र में होगी 16 बैठक
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का शुभारंभ राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण के साथ होगा. जिसके बाद 11 से 13 मार्च तक राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी. इस बार बजट सत्र में कुल 16 बैठकें होंगी. विधानसभा का ये बजट सत्र 10 से 28 मार्च तक चलेगा. बजट सत्र में 22 और 27 मार्च को गैर सरकारी दिवस होगा. वहीं, 26 मार्च को सदन में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट पारित किया जाएगा. 10 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण और 17 मार्च को राज्य के आम बजट पेश किए जाने के कारण सदन में प्रश्नकाल नहीं होगा.
इस बार सदन में कुल 963 सवाल गूंजेंगे
विधानसभा बजट सत्र के दौरान सदन में कुल 963 सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें 737 तारांकित और 226 प्रश्न अतारांकित रूप से पूछे गए हैं. अभी तक नियम 62 के अंतर्गत 9 सूचनाएं, नियम 101 के तहत 5 और नियम 130 में 10 सूचनाएं चर्चा के लिए प्राप्त हुई है.
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा, “अभी तक विधानसभा सचिवालय को कुल 963 प्रश्न सदस्यों की ओर से मिले हैं. इनमें से 737 तारांकित प्रश्न हैं. इसमें ऑनलाइन 680 और ऑफलाइन 56 प्रश्न पूछे गए हैं. इसी तरह से विधानसभा सदस्यों ने 226 अतारांकित प्रश्न भी पूछे हैं. इनमें से ऑनलाइन 223 और ऑफलाइन 3 प्रश्न प्राप्त हुए हैं”.
एक हजार पुलिसकर्मियों पर सुरक्षा का जिम्मा
हिमाचल में विधानसभा बजट सत्र को लेकर शिमला में सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा. जिसके लिए पहले की पुलिस प्रशासन की तरफ से पुख्ता प्रबंध किए गए हैं. 10 से 28 मार्च तक चलने वाले विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हर व्यक्ति पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी. जिसके लिए एक हजार पुलिस जवानों को सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है.
वहीं, विधानसभा में बजट सत्र को लेकर पांच क्यूआरटी की टीमें भी तैनात की जाएगी. इसके अलावा स्टेट सीआईडी के अधिकारी और जवान भी सादे कपड़ों में तैनात किए जाएंगे. इसके अतिरिक्त विधानसभा सचिवालय में सुरक्षा के प्रबंधों के लिए सीसीटीवी और ड्रोन कैमरा का इस्तेमाल किया जाएगा. जिसके लिए विशेष कंट्रोल रूम की स्थापना की जाएगी.
