शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि बजट सत्र पहले से निर्धारित शेड्यूल के तहत शनिवार को भी आयोजित होना था, लेकिन शुक्रवार को होली की छुट्टी होने के कारण दोनों पक्षों के सदस्यों ने शनिवार का सत्र टालने का अनुरोध किया। इसके मद्देनजर शनिवार को बैठक नहीं होगी और सदन की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित कर दी गई है।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि इस संबंध में निर्णय लेने के लिए कार्य सलाहकार समिति की बैठक हुई, जिसमें संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सरकार के उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, सदस्य सुखराम चौधरी और विनोद कुमार मौजूद थे। बैठक में तय हुआ कि सोमवार को दोपहर दो बजे के बजाय सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अगले वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेंगे। विधानसभा सचिवालय ने विधायकों के अनुरोध को देखते हुए यह व्यवस्था की है।
उद्यमियों की उम्मीदें अभी भी अधूरी
हिमाचल प्रदेश सरकार का यह तीसरा बजट होगा, लेकिन उद्यमियों की मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं। पिछले दो बजट में उद्यमियों को कोई खास राहत नहीं मिली। सरकार के सत्ता में आने के बाद से उद्यमियों को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। बरसातों में आई आपदा के बाद उद्यमियों की कमर टूट गई थी, और इसके बाद सरकार ने बिजली के दाम बढ़ा दिए, जिससे उद्यमियों को दोहरी मार झेलनी पड़ी।
उद्यमियों को पिछले बजट में बिजली की दरों में राहत का आश्वासन मिला था, लेकिन साल के अंत तक बिजली के दामों में और बढ़ोतरी हुई। अब हिमाचल की बिजली अन्य राज्यों की तुलना में अधिक महंगी हो गई है। इस मुद्दे पर उद्यमियों ने कई बार सरकार के साथ बैठकें भी की हैं।
उद्यमियों की मांगें
उद्यमियों को इस बजट से बिजली के अलावा कई अन्य उम्मीदें हैं, जो अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं। उनकी मांग है कि प्रदेश में लागू एडिशनल गुड्स टैक्स (AGST) में राहत दी जाए, महंगी ट्रांसपोर्टेशन लागत को कम किया जाए, लीज की समयावधि पहले के मुताबिक तय की जाए और सीजीसीआर (CGSR) सहित अन्य मदों में भी राहत प्रदान की जाए।
उद्यमियों का कहना है कि सरकार को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और इस बजट में उनकी मांगों को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। अब देखना होगा कि सोमवार को पेश होने वाले बजट में सरकार उद्यमियों और आम जनता की उम्मीदों पर खरी उतरती है या नहीं।
