हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तरीय पैराग्लाइडिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया है। इस प्रतियोगिता का शुभारंभ रविवार को स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने किया। चैंपियनशिप के लिए अब तक विभिन्न देशों के 70 पायलटों ने पंजीकरण कराया है। यह आयोजन जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
प्रशासन का मानना है कि इस प्रतियोगिता से बिलासपुर में एडवेंचर टूरिज्म को नई गति मिलेगी और राज्य की पर्यटन नीति को मजबूती मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि इस तरह के आयोजन से बिलासपुर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी। साथ ही, स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य बिलासपुर को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है। इस दिशा में सरकार पहले ही गोबिंद सागर झील में वॉटर स्पोट्र्स गतिविधियों का शुभारंभ कर चुकी है और जल्द ही कोलडैम में भी एडवेंचर स्पोट्र्स गतिविधियां शुरू की जाएंगी।
प्रतियोगिता के सुचारू आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है और मेडिकल टीम, रेस्क्यू टीमें तैनात की गई हैं। यह चैंपियनशिप 27 मार्च तक चलेगी।
इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर, पूर्व विधायक तिलक राज, उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक, एटीडीओ रितेश पटियाल, पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सदस्य पुनीत चंदेल, विशाल, अतुल खजुरिया सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों और पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यक्तियों में इस आयोजन को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि यह आयोजन बिलासपुर को एक प्रमुख एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करेगा।
