राजधानी में सेक्सटॉर्शन (सेक्स से संबंधित अपराधों पर जबरन वसूली) का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस घटना में एक स्थानीय युवक को अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दो साल तक ब्लैकमेल किया गया और उससे कुल आठ लाख रुपये ऐंठ लिए गए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित युवक ने बताया कि करीब दो साल पहले उसे सोशल मीडिया पर एक लड़की के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। इस दौरान उसकी आपत्तिजनक वीडियो बना ली गई। इसके बाद अभिषेक तिवारी नाम के एक शख्स ने उसे वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। डर के मारे युवक ने पहले चेक के जरिए तीन लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में जमा कर दिए। हालांकि, इसके बाद भी आरोपी ने धमकियां जारी रखीं और युवक ने छोटी-छोटी रकम में पांच लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित ने बताया कि उसने अपने पिता की बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी से मिली राशि भी बदनामी के डर से आरोपी को दे दी। फिर भी आरोपी की मांगें खत्म नहीं हुईं और वह लगातार और पैसे की उगाही के लिए दबाव बनाता रहा।
आखिरकार, परेशान होकर युवक ने ढली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों में जमा करवाई गई राशि का रिकॉर्ड भी जुटा रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।
एक्सपर्ट की राय:
साइबर क्राइम के डीआईजी मोहित चावला ने कहा, “ऐसी किसी भी घटना की शिकायत मिलते ही तुरंत 1930 पर कॉल करें। ऐसे अपराधी लोगों को डराकर पैसे वसूलने की कोशिश करते हैं। इससे बचने के लिए अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और न ही किसी अनजान व्यक्ति से वीडियो कॉल पर बात करें। कई लोग इस तरह के ठगों के जाल में फंस जाते हैं।” उन्होंने बताया कि साइबर पुलिस ने पहले भी सेक्सटॉर्शन के कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस इस मामले में गहन जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी को पकड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। यह घटना सोशल मीडिया के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की जरूरत को फिर से रेखांकित करती है।
