हिमाचल प्रदेश में शराब ठेकों की नीलामी की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। करीब 400 ठेकों का आवंटन नहीं होने के कारण राज्य मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है कि अब शराब ठेकों को बड़ी यूनिटों की बजाय एक-एक कर नीलाम किया जाएगा। यह निर्णय शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। बैठक के दौरान कर एवं आबकारी विभाग ने इस मुद्दे पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि अगले दो-तीन दिनों में नीलामी की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाए। यदि इस दौरान भी कारोबारियों ने शराब ठेके लेने में रुचि नहीं दिखाई, तो ठेकों को संचालित करने का जिम्मा सरकारी निगमों और बोर्डों को सौंपा जाएगा। इसके तहत एग्रो इंडस्ट्री कॉरपोरेशन, हिमफेड और एसआईडीसी के माध्यम से शराब की बिक्री की जाएगी। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि एक-एक ठेके की नीलामी का फैसला छोटे कारोबारियों को अवसर प्रदान करने के लिए लिया गया है, ताकि वे भी इस व्यवसाय में हिस्सा ले सकें।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि शराब ठेकों को बड़ी यूनिटों में नीलाम करने के कारण बेस प्राइस काफी अधिक हो गया था, जिसके चलते कारोबारी ऊंची बोली लगाने से हिचक रहे थे। अधिकांश मंत्रियों ने सुझाव दिया कि बड़ी यूनिटों की बजाय एक-एक ठेके को नीलाम करने से यह समस्या हल हो सकती है। इस फैसले से न केवल नीलामी प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि छोटे व्यापारियों को भी व्यापार का मौका मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह कदम राज्य के राजस्व को बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगा।
