शिमला: हिमाचल में लंबे समय से एक ही स्थान पर डटे अधिकारी अब अपनी ट्रांसफर के लिए तैयार हो जाएं. प्रदेश सरकार ने विभिन्न विभागों में दो सालों से अधिक समय से एक ही स्थान पर संवेदनशील पदों पर आसीन अधिकारियों के तबादले की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है. प्रदेश में राज्य कर एवं आबकारी विभाग सहित कुछ अन्य विभागों में तबादले की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस बारे में अन्य विभागों को निर्देश जारी किए हैं. इसको लेकर विभागों को प्रक्रिया तैयार करने को कहा गया है. मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश सरकार लोगों को जवाबदेह और पारदर्शी शासन प्रदान कर रही है. इसके राज्य सरकार ने बीते दो सालों में इस दिशा में कई कदम उठाए हैं.
खनन से 360 करोड़ का राजस्व होगा प्राप्त
सीएम सुक्खू ने उद्योग विभाग को खनन पट्टों की नीलामी प्रक्रिया में हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम को शामिल करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा प्रदेश सरकार जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट निधियों के उपयोग के लिए नए नियम बनाएगी ताकि समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के लिए धन का उपयोग किया जा सके. पूर्व भाजपा सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल में खनन से प्रदेश सरकार को 240 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था. वहीं, कांग्रेस की सरकार आने पर पिछले वित्त वर्ष में यह राजस्व बढ़कर 314 करोड़ रुपये हो गया और इस वित्त वर्ष के अंत तक 360 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है. इस तरह से पिछली भाजपा सरकार की तुलना में हमारी सरकार में दो सालों में राजस्व में 120 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होने जा रही है.
हिमाचल में उद्योगों को सस्ती बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा “सरकार हिमाचल प्रदेश में हरित उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है. इसके अलावा पर्यटन, जल विद्युत, खाद्य प्रसंस्करण, डाटा भंडारण और डेयरी क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित कर रही है. इस तरह की पहल पर्यावरण संरक्षण सहित स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे. मुख्यमंत्री ने कहा हिमाचल प्रदेश में पड़ोसी राज्यों की तुलना में उद्योगों को सस्ती बिजली उपलब्ध है.
