एपल का AirPlay फीचर, जो म्यूजिक, फोटो और वीडियो को एपल डिवाइसेज और कंपैटिबल थर्ड-पार्टी स्पीकर्स व टीवी पर स्ट्रीम करने की सुविधा देता है, अब साइबर खतरे का शिकार बन सकता है। हाल ही में खोजी गई 23 सिक्योरिटी खामियों के चलते हैकर्स वायरलेस कनेक्शन्स का फायदा उठाकर मैलवेयर फैला सकते हैं, निजी डेटा चुरा सकते हैं या उसी Wi-Fi नेटवर्क पर बातचीत सुन सकते हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, इस खतरे को ‘AirBorne’ नाम दिया गया है, जो एयरपोर्ट्स, कॉफी शॉप्स या ऑफिस जैसे पब्लिक प्लेसेस में भी सक्रिय हो सकता है।
तेल अवीव की साइबरसिक्योरिटी फर्म Oligo के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर गाल एल्बाज ने Wired को बताया कि AirPlay इतने सारे डिवाइसेज में मौजूद है कि कई डिवाइसेज को पैच करने में सालों लग सकते हैं या वे कभी पैच न हों। ये खामियां AirPlay प्रोटोकॉल और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट (SDK) में पाई गई हैं।
एपल ने अपने डिवाइसेज के लिए सिक्योरिटी अपडेट्स जारी किए हैं, लेकिन लाखों थर्ड-पार्टी डिवाइसेज, जैसे स्मार्ट टीवी, सेट-टॉप बॉक्स और कार सिस्टम्स, तब तक खतरे में रहेंगे, जब तक उनके मैन्युफैक्चरर्स पैच जारी नहीं करते। कई स्मार्ट-होम डिवाइसेज को रेगुलर अपडेट्स न मिलने से खतरा और बढ़ जाता है।
यूजर्स के लिए सलाह:
- सभी डिवाइसेज, खासकर AirPlay से जुड़े, को लेटेस्ट सॉफ्टवेयर पर अपडेट करें।
- फोन और ऐप्स को नियमित रूप से अपडेट करें, क्योंकि इनमें सिक्योरिटी पैच शामिल होते हैं।
- अगर AirPlay का इस्तेमाल नहीं हो रहा, तो इसे पूरी तरह डिसेबल करें, ताकि हैकर्स के लिए एक्सेस पॉइंट न बने।
साइबरसिक्योरिटी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पब्लिक Wi-Fi नेटवर्क्स पर AirPlay का इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। यह खतरा न केवल व्यक्तिगत डेटा, बल्कि स्मार्ट-होम सिस्टम्स की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती पेश करता है।
