May 15, 2026
Shimla

Cyber Fraud: हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक साइबर अटैक: 11.55 करोड़ की ठगी, पुलिस ने शुरू की जांच

Shimla : हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के सर्वर पर साइबर ठगों ने बड़ा हमला कर 11.55 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। यह घटना 11 और 12 मई 2025 को हुई, जब ठगों ने चंबा जिले की हटली शाखा के एक ग्राहक का मोबाइल फोन हैक कर बैंक की मोबाइल एप्लिकेशन ‘हिम पैसा’ के जरिए सर्वर में सेंध लगाई। ठगों ने इस राशि को 20 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया।

कैसे हुआ साइबर अटैक?

जानकारी के मुताबिक, ठगों ने चंबा के हटली शाखा के एक ग्राहक के मोबाइल को हैक कर ‘हिम पैसा’ एप्लिकेशन में अनधिकृत पहुंच बनाई। इसके बाद, उन्होंने बैंक के सर्वर को हैक कर 11.55 करोड़ रुपये की राशि को विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर दिया। यह घटना सप्ताहांत (11-12 मई) को हुई, और 13 मई को अवकाश होने के कारण भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से दैनिक रिपोर्ट नहीं मिली। 14 मई को RBI की रिपोर्ट प्राप्त होने पर बैंक प्रबंधन को इस ठगी का पता चला, जिससे हड़कंप मच गया।

बैंक और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

सूचना मिलते ही बैंक प्रबंधन ने शिमला के थाना सदर में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जीरो FIR दर्ज कर मामले को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, शिमला को स्थानांतरित कर दिया। डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) की एक विशेषज्ञ टीम शनिवार को शिमला पहुंचेगी, जो बैंक के डेटा सेंटर में साइबर हमले की तकनीकी जांच करेगी। यह टीम ‘हिम पैसा’ एप और सर्वर हैकिंग की प्रक्रिया का विश्लेषण करेगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

ट्रांसफर राशि होल्ड, ग्राहकों का पैसा सुरक्षित

बैंक के प्रबंध निदेशक श्रवण मांटा ने बताया कि ठगों द्वारा NEFT और RTGS के जरिए ट्रांसफर की गई पूरी राशि को होल्ड कर लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी ग्राहकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। बैंक के पास साइबर इंश्योरेंस भी है, जो किसी भी आर्थिक नुकसान की स्थिति में भरपाई करेगा। मांटा ने कहा कि बैंक अपनी साइबर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए जल्द ही इन्फोसिस के फिनेकल-10 सॉफ्टवेयर पर शिफ्ट होगा, जिसका उपयोग देश के प्रमुख बैंक करते हैं।

साइबर ठगी का बढ़ता खतरा

हिमाचल प्रदेश में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में 1 जनवरी से 20 अप्रैल तक 5600 से अधिक साइबर ठगी के मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें शिमला, कांगड़ा, और मंडी जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। डीआईजी मोहित चावला ने बताया कि समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी की राशि को होल्ड करने में मदद मिलती है, और 2025 में रिकवरी दर 20.3% तक पहुंच गई है, जो 2023 के 3.8% से काफी बेहतर है।

पुलिस की सलाह

हिमाचल पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने सुझाव दिया है कि:

•  किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।

•  बैंक संबंधी जानकारी, जैसे OTP या पासवर्ड, किसी के साथ साझा न करें।

•  ठगी का शिकार होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

भविष्य के लिए कदम

CERT-In की जांच के बाद बैंक अपनी साइबर सुरक्षा नीतियों को और सख्त करेगा। विशेषज्ञ यह भी जांच करेंगे कि ठगों ने सर्वर और एप को हैक करने के लिए किन तकनीकों का उपयोग किया। इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया है।

Related posts

महंगाई-बेरोजगारी ने तोड़े रिकार्ड; जयराम ठाकुर ने कसा तंज; कहा, जनता की हो रही अनदेखी

Admin

प्रतिभा सिंह से शक्तियां छीनने की तैयारी : हाईकमान ने भेजी टीम, नया संगठन बनेगा

Admin

Cryptocurrency Scam :2500 करोड़ क्रिप्टोकरेंसी घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, देश छोड़कर थाइलैंड भाग रहा था

Admin

Leave a Comment