पांवटा साहिब, 18 जून 2025: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पांवटा साहिब के रामलीला मैदान में आयोजित भाजपा की जनसभा में कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार हिंदूवादी समाज को फंसाने और उनकी भावनाओं को कुचलने की साजिश रच रही है। ठाकुर ने माजरा क्षेत्र में लापता नाबालिग लड़की के मामले में पुलिस और प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए, साथ ही गिरफ्तार किए गए लोगों को तत्काल रिहा करने और हिंदू समुदाय पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू “97 प्रतिशत हिंदुत्व को हराने की मानसिकता” से बाहर नहीं निकल पाए हैं। उन्होंने माजरा मामले का जिक्र करते हुए कहा कि एक बेटी के लापता होने पर परिजनों ने पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि उसे लड़की के ठिकाने की जानकारी थी। ठाकुर ने सवाल उठाया, “पुलिस को पता था कि लड़की कहां है, फिर भी उसे परिजनों को क्यों नहीं सौंपा गया? इस सवाल का जवाब कौन देगा?”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर पुलिस और प्रशासन पीड़ित परिवार को प्रताड़ित कर रहा है, जबकि आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है। ठाकुर ने कहा कि जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और विधायक सुखराम चौधरी लोगों को शांत कराने की कोशिश कर रहे थे, तब उन पर ही हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उन्होंने पूछा, “छतों से पत्थर फेंकने वालों के खिलाफ कितनी कार्रवाई हुई? कितने लोग जेल गए?”
ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर हिंदू समाज के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन सत्ता के अहंकार में साजिशें रच रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने पीड़ित समाज से जुड़े लोगों की गिरफ्तारियां बंद नहीं कीं और हिंदू समुदाय पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो इसका अंजाम बुरा होगा। उन्होंने कहा, “सत्ता का यह मद ठीक नहीं। सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन कानून का पालन होना चाहिए।”
जयराम ठाकुर ने पुलिस और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की और कहा कि सरकार को अपनी तानाशाही रवैया छोड़कर पीड़ित परिवार को न्याय देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू समाज के सम्मान और स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस जनसभा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, सांसद सुरेश कश्यप, विधायक सुखराम चौधरी सहित कई नेता मौजूद रहे।
माजरा मामले में तनाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने किरतपुर क्षेत्र में भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 लागू कर दी है, जिसके तहत पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने और हथियार या ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर प्रतिबंध है। पुलिस ने लापता लड़की को बरामद कर लिया है और उसके बयान दर्ज करने के बाद उसे परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सिख समुदाय ने भी इस जनसभा में लगे “चीमा कीमा नहीं चलेंगे” नारे पर आपत्ति जताई है और इसे अपने सम्मान पर हमला बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा कार्यकर्ताओं से माफी की मांग की है। इस विवाद ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है, और प्रशासन से शांति बनाए रखने के लिए त्वरित कार्रवाई की अपील की जा रही है।
