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May 10, 2026
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बैजनाथ-पपरोला में जल्द बनेगा बाईपास, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

बैजनाथ: पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर स्थित प्रमुख व्यापारिक केंद्रों बैजनाथ और पपरोला में बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए जल्द ही बाईपास का निर्माण शुरू होगा। लंबे समय से स्थानीय लोगों द्वारा उठाई जा रही बाईपास की मांग को हिमाचल डे के अवसर पर जनवरी 2025 में बैजनाथ पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वीकार किया। स्थानीय विधायक किशोरी लाल के आग्रह पर इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की थी।

6.9 किमी लंबा होगा बाईपास

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंडल बैजनाथ के अनुसार, प्रस्तावित बाईपास टाशीजोंग पुल से शुरू होकर पंतेहड, नागन, खड़ानाल, और मलघोटा होते हुए बैजनाथ के आवाही नाग के पास मुख्य मार्ग से जुड़ेगा। इसकी कुल लंबाई 6 किलोमीटर 900 मीटर होगी और यह टू-लेन सड़क होगी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, निर्माण लागत 27 करोड़ रुपये होगी।

न्यूनतम नुकसान, सरकारी भूमि पर जोर

पीडब्ल्यूडी द्वारा तैयार नक्शे में रिहायशी क्षेत्रों और निजी भूमि को कम से कम प्रभावित करने का ध्यान रखा गया है। ज्यादातर सरकारी और जंगलात विभाग की भूमि को चिह्नित किया गया है। हालांकि, दो-तीन मकान और कुछ निजी भूमि अधिग्रहण के दायरे में आ रही है, जिसे नियमों के तहत हासिल किया जाएगा। बिनवा और संसाली भटवाली खड्डों पर पुल निर्माण भी प्रस्तावित है।

क्यों जरूरी है बाईपास?

बैजनाथ-पपरोला संकरे बाजार होने के कारण अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझते हैं। यह मार्ग मंडी, कुल्लू, मनाली, और लाहौल-स्पीति के लिए पर्यटकों का प्रमुख रास्ता है। साथ ही, जम्मू-कश्मीर के लिए सैन्य रसद और टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए एम्बुलेंस भी इसी मार्ग से गुजरती हैं। बाईपास के निर्माण से यातायात सुगम होगा और आपातकालीन सेवाओं को समय पर पहुंचने में मदद मिलेगी।

अधिशासी अभियंता का बयान

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों के अनुसार, 27 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान तैयार किया गया है। नक्शा तैयार है और डिज़ाइन में रिहायशी बस्तियों और निजी भूमि को न्यूनतम प्रभावित करने पर ध्यान दिया गया है। कुछ मकानों और भूमि का अधिग्रहण नियमों के तहत किया जाएगा।

विधायक किशोरी लाल की प्रतिक्रिया

स्थानीय विधायक किशोरी लाल ने कहा, “लंबे समय से बाईपास की मांग उठ रही थी। मैंने यह मुद्दा हिमाचल डे के अवसर पर मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, जिसे तुरंत सैद्धांतिक मंजूरी मिली। निर्माण के लिए पर्याप्त बजट सुनिश्चित किया जाएगा ताकि निर्धारित समय में काम पूरा हो सके।”

यह बाईपास न केवल स्थानीय लोगों के लिए राहत लाएगा, बल्कि क्षेत्र के पर्यटन और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा।

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