31.7 C
Baijnath
June 11, 2026
Dharamshala

Himachal Cloud Burst: खनियारा में बादल फटने से तबाही, मनूणी खड्ड में तीन और श.व बरामद, तीन लापता; पहाड़ी पर फंसे युवक को रेस्क्यू किया गया

हिमाचल प्रदेश में बुधवार को धर्मशाला और कुल्लू में पांच स्थानों पर बादल फटने से आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ लोग लापता हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय लोग लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।

धर्मशाला में मनूणी खड्ड में बाढ़, तीन शव बरामद

धर्मशाला के खनियारा में मनूणी खड्ड में अचानक आई बाढ़ के कारण एक निजी बिजली प्रोजेक्ट में काम करने वाले नौ मजदूर लापता हो गए थे। गुरुवार को रेस्क्यू टीमों ने तीन और शव बरामद किए, जिनकी पहचान चैन सिंह (20, डोडा, जम्मू-कश्मीर), आदित्य ठाकुर (35, राख, चंबा), और प्रदीप वर्मा (35, देवरिया, यूपी) के रूप में हुई है। बुधवार को दो शव मिले थे। तीन मजदूरों—विपिन (भंडल, चंबा), नितिन (नंगल, फतेहपुर), और परमजीत (नंगल, फतेहपुर)—का अभी कोई सुराग नहीं मिला है। वहीं, चंबा के लवली (21) को पहाड़ी पर फंसे होने के बाद सुरक्षित निकाला गया।

कुल्लू में परिवार के तीन सदस्य लापता

कुल्लू के सैंज में जीवानाला में बादल फटने से नंद लाल (72), उनकी बेटी मूर्ति देवी (15), और बहन यान दासी (67) लापता हैं। तीर्थन नदी में एक व्यक्ति के बहने की सूचना है, जिसकी पहचान अभी नहीं हो पाई है। मंडी के धर्मपुर में जालपा माता मंदिर के पास ब्यास नदी से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ है।

500 पर्यटक और 81 ट्रैकर सुरक्षित निकाले गए

सैंज के शैंशर और शांघड़ में फंसे 500 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया है। मनाली के बकरथाच से 50 और हामटा-छतडू ट्रैक से 31 ट्रैकरों को कुल्लू और लाहौल-स्पीति प्रशासन ने रेस्क्यू किया। खराब मौसम के बावजूद पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने सभी ट्रैकरों को सुरक्षित निकालकर प्राथमिक चिकित्सा दी।

मौसम का अलर्ट और चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 26 जून से 1 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि 28 जून और 2 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। 29 जून के लिए ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, और कांगड़ा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आठ जिलों में अगले 24 घंटों में बाढ़ की चेतावनी भी दी गई है। पालमपुर में 76.6 मिमी और बंजार में 75.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।

बांधों और सड़कों पर असर

पौंग बांध का जलस्तर 1292.95 फीट तक पहुंच गया है, और पंडोह बांध के सभी गेट खोल दिए गए हैं। किन्नौर में सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ने से शोंगटोंग परियोजना के पास एनएच-5 का 110 मीटर हिस्सा धंस गया, जिससे यातायात ठप है। कुल्लू में 23 सड़कें, 50 बिजली ट्रांसफार्मर, और 118 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उपायुक्तों को 24 घंटे उपलब्ध रहने और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों, खासकर प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी करने को कहा। जल विद्युत परियोजनाओं की सुरक्षा के लिए भी रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

बचाव कार्य जारी हैं, और प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।

Related posts

पर्यटन राजधानी के साथ औद्योगिक विकास की भी नजीर बनेगा कांगड़ा – हर्षवर्धन चौहान

Admin

धर्मशाला में IPL मैचों के दौरान हवाई किराया आसमान पर, टिकट बुकिंग में भी मारामारी

Admin

हिमाचल उपचुनाव में कांग्रेस से आए नेताओं को टिकट देने के बाद फंसी BJP! नहीं माने रूठे नेता

Admin

Leave a Comment