शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने मानसून सत्र के बीच वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए 1500 करोड़ रुपये का लोन लेने का फैसला किया है। यह लोन दो किस्तों में लिया जाएगा, जिसमें पहली किस्त 1000 करोड़ रुपये की और दूसरी 500 करोड़ रुपये की होगी। इस लोन के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के माध्यम से 26 अगस्त को नीलामी होगी, और 28 अगस्त तक यह राशि राज्य सरकार के खाते में जमा हो जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, 1000 करोड़ रुपये का लोन 15 साल की अवधि के लिए और 500 करोड़ रुपये का लोन 10 साल की अवधि के लिए लिया गया है। यह लोन केंद्र सरकार द्वारा वर्तमान वित्त वर्ष के लिए निर्धारित ऋण सीमा के दायरे में है।
राज्य सरकार को हर महीने की पहली तारीख को कर्मचारियों के वेतन और पेंशन भुगतान के लिए लगभग 2000 करोड़ रुपये की आवश्यकता होती है। इस लोन से कोषागार के बैलेंस को 28 अगस्त तक पूरा किया जाएगा, ताकि वित्तीय दायित्वों को समय पर पूरा किया जा सके।
यह कदम राज्य सरकार की वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने और विकास कार्यों को गति देने में मदद करेगा। सरकार का कहना है कि यह लोन नियोजित और पारदर्शी तरीके से लिया जा रहा है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
