April 16, 2026
Baijnath

Baijnath News: पिछले लगभग 10 दिनों से जालसू जोत से ग़ायब विक्रम की तलाश में सिर्फ़ मिली एक चीज़ — सवाल ये है, क्या ये सुराग़ है या चेतावनी?

बैजनाथ, 31 अगस्त 2025 (वीर खड़का )

उपमंडल बैजनाथ की घोड़पीठ पंचायत के गुज़रेड़ा गांव में एक अनसुलझा रहस्य गहराता जा रहा है। गांव का युवक विक्रम कुमार, जिसे सभी प्यार से विकू कहते हैं, पिछले 10 दिनों से लापता है। 24 अगस्त को शुरू हुआ यह सिलसिला अब पूरे गांव के लिए चिंता का सबब बन चुका है। विकू की तलाश में परिवार, गांववासी और प्रशासन दिन-रात एक कर रहे हैं, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा।

24 अगस्त, रविवार की सुबह विक्रम कुमार अपने मवेशियों को जालसू धार जोत के चारागाह में छोड़ने गया था। हमेशा की तरह, उसने अपने भाई से फोन पर बात की और कहा, “शाम 5-6 बजे मुझे कलौनी उत्तराला से ले जाना।” लेकिन उस दिन भारी बारिश ने मौसम को और मुश्किल बना दिया। जब विकू तय समय पर नहीं लौटा, तो परिवार को चिंता सताने लगी। अगले दिन भी जब वह घर नहीं पहुंचा, तो परिजनों ने तुरंत प्रशासन को सूचित किया।

विकू के पिता बाबूराम ने घटना की सूचना प्रशासन को दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और अपने जवानों को जालसू जोत की ओर भेजा। लेकिन भारी बारिश और खराब मौसम ने खोज अभियान को मुश्किल बना दिया। पुलिस और SDRF की टीमें ड्रोन के साथ दो से तीन बार जालसू जोत पहुंचीं, लेकिन सोकडू से आगे बढ़ना संभव नहीं हुआ। खराब मौसम ने हर कोशिश को नाकाम कर दिया।

जब प्रशासन की कोशिशें बारिश की भेंट चढ़ गईं, तो बाबूराम ने हार नहीं मानी। गांव के कुछ लोगों के साथ मिलकर उन्होंने स्वयं विकू की तलाश शुरू की। इस दौरान, जालसू की पहाड़ियों में रेत और पत्थरों के बीच एक कमरी मिली, जो विकू की बताई जा रही है। इस खोज ने परिवार और गांव वालों में एक नई आशंका और उम्मीद दोनों को जन्म दिया। क्या यह कमरी विकू की आखिरी निशानी है, या फिर एक संकेत कि वह अभी भी कहीं जिंदा है, अपने घर लौटने की कोशिश में?

विकू के लापता होने से बाबूराम और उनका परिवार गहरे सदमे में हैं। बाबूराम की आंखों में आंसुओं के साथ-साथ एक जिद्दी उम्मीद अब भी कायम है। गांव वाले भी इस मुश्किल घड़ी में परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। हर बीतता दिन उस सन्नाटे को और गहरा रहा है, जो अब घोड़पीठ की हवाओं में गूंज रहा है।

प्रशासन ने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। पुलिस और SDRF की टीमें मौसम के सामान्य होने का इंतजार कर रही हैं, ताकि जालसू जोत में गहन तलाशी अभियान चलाया जा सके। लेकिन सवाल वही है—विकू, तुम कहां हो? क्या ये पहाड़, जो सदियों से रहस्यों को अपने सीने में छिपाए बैठे हैं, कभी विकू का राज खोलेंगे, या यह सवाल एक अनसुलझी पहेली बनकर रह जाएगा?

पुलिस और प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को विक्रम कुमार के बारे में कोई जानकारी मिले, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या प्रशासन से संपर्क करें। गांववासी और विकू का परिवार अब भी उस दिन का इंतजार कर रहा है।

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