जोगिन्द्रनगर 2 सितंबर:
चंडीगढ़ से सटे मोहाली के नयागांव से लापता हुए हिमाचल प्रदेश के ओला टैक्सी ड्राइवर अनिल कुमार की हत्या कर दी गई है। पंजाब पुलिस ने इस हत्याकांड में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) आतंकी संगठन से जुड़े तीन आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। मृतक का शव मोहाली एयरपोर्ट के पास से बरामद किया गया है।
29 अगस्त से थे लापता
मंडी जिले के जोगिंद्रनगर निवासी अनिल कुमार (27), जो कि नयागांव में रहकर ट्राईसिटी क्षेत्र में ओला कैब चलाते थे, 29 अगस्त को अचानक लापता हो गए थे। उनकी आखिरी बातचीत शुक्रवार रात 10 बजे पत्नी से हुई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे रेलवे स्टेशन जा रहे हैं। इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और कोई संपर्क नहीं हो सका।
आतंकियों ने की थी हत्या, गिरफ्तारियां अमृतसर से
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने जानकारी दी कि पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर जम्मू-कश्मीर से तीन आतंकियों को अमृतसर के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने अनिल की कैब खरड़ से बुक की थी और कुछ ही देर बाद उसका फोन बंद हो गया। बाद में पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि एक विवाद के बाद उन्होंने अनिल की गोली मारकर हत्या कर दी और शव को मोहाली एयरपोर्ट के पास फेंक दिया।
पुलिस ने बरामद की टैक्सी और हथियार
पुलिस ने मृतक की स्विफ्ट डिजायर टैक्सी और हत्या में प्रयुक्त .32 बोर की पिस्तौल भी बरामद कर ली है। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी साहिल बशीर पहले से ही हंदवाड़ा (जम्मू-कश्मीर) थाने में UAPA और आर्म्स एक्ट के तहत वांछित था। उसका भाई एजाज अहमद पहले जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हथियारों और सामग्री के साथ गिरफ्तार हो चुका है। दोनों को आतंक संगठन के ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) के रूप में पहचान की गई है।
विधायक ने उठाया था मामला, सरकार सक्रिय
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में जोगिंद्रनगर से भाजपा विधायक प्रकाश राणा ने यह मामला उठाया था। उन्होंने बताया कि अनिल के लापता होने के बाद भी 31 अगस्त तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। उन्होंने इस संबंध में एसएचओ से बात की थी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जवाब देते हुए कहा कि अनिल कुमार के परिवार ने उनसे सीधा संपर्क नहीं किया है, लेकिन हिमाचल के डीजीपी ने पंजाब के डीजीपी से संपर्क कर कार्रवाई की है।
गहन तलाशी अभियान जारी
पुलिस अभी भी घटनास्थल और अन्य संदिग्ध स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही है, ताकि हत्या से जुड़े सभी सबूत इकट्ठे किए जा सकें। यह मामला न केवल एक गंभीर आपराधिक घटना है, बल्कि आतंकी गतिविधियों से भी जुड़ा हुआ है, जिस पर सुरक्षा एजेंसियां अब गहराई से जांच कर रही हैं।
