26.5 C
Baijnath
May 10, 2026
Baijnath

Baijnath News: बैजनाथ शिव मंदिर के पास एनएच पर भूस्खलन का खतरा बढ़ा, जाम ।गुस्साए लोगों ने बेरिकेड्स सड़क किनारे कर दिए

बैजनाथ, 28 सितंबर 2025: ऐतिहासिक शिव मंदिर बैजनाथ के निकट राष्ट्रीय उच्च मार्ग (एनएच) पर ढांक क्षेत्र में हुए भूस्खलन के सवा महीने बाद भी स्थायी मरम्मत न होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। 22 अगस्त को ‘दिव्य हिमाचल’ द्वारा प्रमुखता से उठाए गए मुद्दे पर एनएच अधिकारियों ने अस्थायी तौर पर सड़क की दरारों को आरसीसी (आरजी) से बंद किया था और आधी सड़क पर बेरिकेड्स लगाकर अपना कर्तव्य निभा दिया था। लेकिन अब तक कोई ठोस कदम न उठाए जाने से न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि खतरा भी बढ़ गया है। शनिवार को जाम से तंग आकर गुस्साए वाहन चालकों ने बेरिकेड्स को सड़क किनारे कर दिया, जिससे भारी वाहनों के गुजरने से ढांक की खोखली संरचना पर दबाव पड़ रहा है।

घटना की जानकारी देते हुए स्थानीय निवासी और दुकानदारों ने बताया कि भूस्खलन प्रभावित ढांक के ठीक नीचे जलशक्ति विभाग की प्राचीन कूहल बह रही है, जबकि ऊपर से सड़क का पानी रिसाव कर रहा है। भारी बारिश के कारण यह स्थिति और विकराल हो चुकी है, जिससे राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। यदि समय रहते पुख्ता प्रबंध न किए गए, तो यह मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो सकता है। इस सड़क से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, जिसमें भारतीय सेना की लद्दाख-लेह सप्लाई भी शामिल है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन, एनएच अधिकारियों और जलशक्ति विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ढांक के भूस्खलन से न केवल सड़क, बल्कि आसपास की संपत्ति और ऐतिहासिक मंदिर भी खतरे में हैं। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “अस्थायी बेरिकेड्स से जाम तो लग ही रहा था, अब इन्हें हटाने से भारी ट्रकों की धमक से पूरा ढांक कांप रहा है। प्रशासन को जागना होगा, वरना बड़ा हादसा हो सकता है।”

प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई का दावा करते हुए कांगड़ा जिला प्रशासन ने बताया कि एनएच और जलशक्ति विभाग को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जलशक्ति विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “हम कूहल की सुरक्षा और पानी के रिसाव को रोकने के लिए सर्वे करा रहे हैं। एनएच टीम स्थायी मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार कर रही है। लेकिन मानसून के बाद ही बड़े पैमाने पर काम संभव होगा।” हालांकि, स्थानीयों का कहना है कि यह आश्वासन पुराने हो चुके हैं और तत्काल सुरक्षा उपाय जरूरी हैं।

बैजनाथ का यह ऐतिहासिक शिव मंदिर, जो 13वीं शताब्दी का साक्ष्य रखता है, पर्यटकों और श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र है। भूस्खलन से सड़क बाधित होने पर न केवल धार्मिक पर्यटन प्रभावित होगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी झटका लगेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जल्द से जल्द जियो-टेक्निकल सर्वे और मजबूतिंग वर्क आवश्यक है, ताकि इस महत्वपूर्ण मार्ग को बचाया जा सके।

Related posts

बीड़-बिलिंग क्षेत्र के पर्यटन, आधारभूत ढांचे और पर्यावरण संरक्षण पर विस्तृत चर्चा

Admin

Baijnath Mahashivratri: बैजनाथ में राज्य स्तरीय शिवरात्रि महोत्सव के दौरान दो दिवसीय कुश्ती प्रतियोगिता संपन्न, सोनू बने ‘बैजनाथ केसरी’

Admin

सीपीएस एवं विधायक किशोरी लाल ने बैजनाथ अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा का किया शुभारंभ।

Admin

Leave a Comment