ज्वालामुखी (कांगड़ा): विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में माता के एक अनन्य भक्त ने लगभग एक किलो सोने की आरती जोत अर्पित की। चंडीगढ़ से आए इस श्रद्धालु ने परिवार सहित मां के चरणों में यह अनमोल सौगात भेंट की। भक्त ने बताया कि मां ज्वालामुखी की कृपा से उनके परिवार पर बड़ी मेहरबानी है और माता के आशीर्वाद से उनका कारोबार दिन दोगुनी, रात चौगुनी तरक्की कर रहा है। इसी खुशी में अपनी नेक कमाई का कुछ हिस्सा उन्होंने मां के चरणों में समर्पित किया।
पांच बार होगी सोने की जोत से आरती
सोने की इस आरती जोत से रोजाना माता रानी की दिन में पांच बार आरती की जाएगी। भक्त ने कहा कि जब इस जोत का उपयोग आरती में होगा, तो उन्हें असीम शांति और सुकून मिलेगा। दानदाता ने अपना नाम गुप्त रखने की इच्छा जताई है।
मंदिर प्रशासन ने भेंट की चुनरी, तस्वीर और प्रसाद
मंदिर अधिकारी तहसीलदार मनोहर लाल शर्मा, मंदिर न्यास ज्वालामुखी के सदस्य जितेश शर्मा तथा अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस दानी सज्जन और उनके परिवार को माता रानी ज्वालामुखी की चुनरी, तस्वीर तथा प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया।
पुजारी अनिल शर्मा के जजमान हैं दानदाता
सूत्रों के अनुसार, यह श्रद्धालु पुजारी अनिल शर्मा के जजमान हैं। उनके मार्गदर्शन में पहले भी उन्होंने मां की सेवा की है। इससे पूर्व उन्होंने मुख्य ज्योति के बाहर सोने का पत्रा चढ़ाया था, जिसमें मुख्य ज्योति को मढ़ा गया था।
दानी सज्जनों की सूची बनाने का आग्रह
मंदिर न्यास सदस्य जितेश शर्मा ने कहा कि माता के दरबार में मनोकामनाएं पूरी होने पर भक्त खुशी-खुशी सेवा करते हैं। उन्होंने विधायक संजय रतन, जिलाधीश कांगड़ा, उपमंडल अधिकारी नागरिक ज्वालामुखी और मंदिर अधिकारी से आग्रह किया है कि दानी सज्जनों की एक सूची तैयार की जाए तथा मंदिर परिसर में बड़ा बोर्ड लगाकर उनके नाम अंकित किए जाएं। इससे अन्य यात्रियों को प्रेरणा मिलेगी और वे भी मंदिर के विकास कार्यों में योगदान देंगे।
मार्बल कार्य सहित कई विकास कार्य बाकी
जितेश शर्मा ने बताया कि मंदिर में मार्बल का काम काफी बाकी है, साथ ही अन्य विकास कार्य भी लंबित हैं। यदि दानी सज्जन छोटे-बड़े कार्यों की जिम्मेदारी लें, तो ज्वालामुखी मंदिर देश के प्रमुख मंदिरों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा।
