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June 10, 2026
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बैजनाथ में दो बसें जलकर राख, निज़ी बस के शीशे तोड़े; उपद्रवियों ने मचाया आतंक।

बैजनाथ, 7 नवंबर ( वीर खड़का)

बीती रात करीब डेढ़ बजे बैजनाथ में उस समय हड़कंप मच गया जब एक CTU और एक HRTC बस धू-धू कर जलने लगीं। स्थानीय लोगों ने शोर सुनकर घरों से बाहर निकलते ही आग की लपटें देखीं, जो इतनी विकराल थीं कि उन पर काबू पाना असंभव हो गया। आनन-फानन में अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई, लेकिन तब तक दोनों बसें पूरी तरह खाक हो चुकी थीं और भारी नुकसान हो चुका था।

यह कोई पहली घटना नहीं। कुछ दिन पहले ही इसी जगह से महज 100 मीटर दूर खड़ी एक अन्य गाड़ी में आग लगाई गई थी, जिसके आरोपियों का अब तक पता नहीं चला। इससे इलाके में दहशत का माहौल है। उपद्रव यहीं नहीं थमा—बसें जलाने के बाद बदमाश बैजनाथ बस अड्डे पहुंचे और डोगरा बस के शीशे तोड़ दिए। कुल मिलाकर, रातभर उपद्रवियों ने पूरे क्षेत्र में आतंक फैला दिया।

आग लगने का कारण अभी रहस्य, असामाजिक तत्वों पर शक

प्रारंभिक जांच में आग लगने का ठोस कारण नहीं मिला। पुलिस को संदेह है कि यह किसी उपद्रवी या असामाजिक तत्व की साजिश हो सकती है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लोगों से पूछताछ की। कार्यवाहक DSP लोकेन्द्र सिंह ने कहा, “हम मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। धर्मशाला से फॉरेंसिक टीम ने सैंपल जमा कर लिए हैं और पूरे इलाके की CCTV फुटेज सुरक्षित की गई है, जिसमें कुछ संदिग्ध व्यक्ति साफ दिख रहे हैं। दोषी जल्द पकड़े जाएंगे।”

CCTV लगे, लेकिन कवरेज में बड़ी खामी

कुछ महीने पहले बैजनाथ-पपरोला में राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी के ₹25 लाख बजट से 32 CCTV कैमरे लगाए गए थे। फिर भी अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। वजह साफ—शिव मंदिर गेट से बैजनाथ पेट्रोल पंप तक एक भी कैमरा नहीं है। घटनास्थल के पास सरकारी आईटीआई, तीन स्कूल और निर्माणाधीन नया बस अड्डा है, लेकिन यह क्षेत्र CCTV से अछूता रहा। संभवतः उपद्रवियों को इसकी भनक थी और उन्होंने इसी कमजोरी का फायदा उठाया।

स्थानीय लोगों में आक्रोश और भय

लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। वे रात में अपनी गाड़ियां यहीं पार्क करते हैं। एक स्थानीय ने कहा, “अगर अपराधी नहीं पकड़े गए, तो कल हमारी गाड़ियां या घर भी जल सकते हैं। ये लोग घरों में घुसकर आग लगाने से नहीं चूकेंगे।” इलाके में भय का वातावरण है और प्रशासन पर कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने का दबाव बढ़ गया है।

पुलिस जांच तेज है, लेकिन CCTV कवरेज की कमी और लगातार घटनाओं ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर अपराधी इतने निडर कैसे हो गए?

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