शिमला, 7 नवंबर 2025: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता के बीच नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन को लेकर दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक हुई। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में शुक्रवार सुबह हुई इस बैठक में राहुल गांधी, राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल भी मौजूद रहीं। बैठक में राज्य के छह प्रमुख नेताओं से अलग-अलग चर्चा के बाद नया प्रदेश अध्यक्ष जल्द नियुक्त करने का फैसला लिया गया। सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (HPCC) को भंग हुए ठीक एक साल हो गया है। 6 नवंबर 2024 को राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे ने राज्य कार्यकारिणी के साथ-साथ जिला और ब्लॉक इकाइयों को भी भंग कर दिया था। हालांकि, तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह को पद पर बरकरार रखा गया था, लेकिन अप्रैल 2025 में उनकी औपचारिक कार्यकाल समाप्त हो चुका है। पिछले एक साल में कई दौर की बैठकों के बावजूद आलाकमान कोई अंतिम फैसला नहीं ले सका, जिससे राज्य इकाई लंबे समय से ‘अनाथ’ बनी हुई है। अब नई कार्यकारिणी के गठन की सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
दिल्ली में छह नेताओं की अलग-अलग मुलाकात
खड़गे के आधिकारिक निवास पर सुबह 9:30 बजे शुरू हुई बैठक करीब एक घंटे चली। इस दौरान राहुल गांधी ने छह संभावित उम्मीदवारों से एक-एक करके बात की और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर मंथन किया। बैठक के बाद भोरंज से विधायक सुरेश कुमार ने न्यूज18 को बताया, “जल्द ही हिमाचल को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा।”
बैठक के लिए बुलाए गए नेताओं में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर (जुब्बल-कोटखाई), कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता व ठियोग विधायक कुलदीप सिंह पाठौर, विधानसभा उपाध्यक्ष व श्री रेणुकाजी विधायक विनय कुमार, कसौली विधायक विनोद सुल्तानपुरी, पालमपुर विधायक व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल तथा भोरंज विधायक सुरेश कुमार शामिल थे। सभी ने हाईकमान से प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर अपनी बात रखी।
गुरुवार को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी स्पष्ट किया था कि अगले 10 दिनों में नई कार्यकारिणी का ऐलान हो जाएगा। उन्होंने कहा, “प्रक्रिया तेज हो चुकी है और जल्द ही राज्य इकाई को मजबूत बनाया जाएगा।”
रोहित ठाकुर: अनुभवी नेता, सबसे मजबूत दावेदार
प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में सबसे आगे चल रहे रोहित ठाकुर जुब्बल-कोटखाई से चार बार विधायक चुने जा चुके हैं। 2003 में पहली बार विधानसभा पहुंचे ठाकुर ने 2012 के उपचुनाव, 2021 के उपचुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की। वर्तमान में शिक्षा मंत्री के रूप में सेवा दे रहे वे पूर्व मुख्य संसदीय सचिव भी रह चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री व स्वर्गीय ठाकुर राम लाल के पोते होने के नाते पार्टी में उनका मजबूत आधार है। ठाकुर ने पहले ही कहा है, “अगर हाईकमान का आदेश आया तो मैं इंकार नहीं करूंगा।”
अन्य दावेदार: अनुभव और नजदीकी का मेल
• कुलदीप सिंह पाठौर: ठियोग से विधायक व कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता। 40 वर्षों से पार्टी से जुड़े पाठौर 2019 से 2022 तक प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। 2022 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर पहुंचे। हाईकमान के करीबी माने जाते हैं।
• विनय कुमार: श्री रेणुकाजी से लगातार तीसरी बार (2012, 2017, 2022) विधायक। वर्तमान में विधानसभा उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के करीबी।
• आशीष बुटेल: पालमपुर से लगातार दूसरी बार विधायक। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व डिप्टी सीएम के करीबी। पार्टी में विभिन्न पदों पर सक्रिय।
• विनोद सुल्तानपुरी: कसौली से पहली बार 2022 में विधायक बने। मुख्यमंत्री सुक्खू के करीबी।
• सुरेश कुमार: भोरंज (हमीरपुर) से पहली बार विधायक। सीएम सुक्खू के गृह जिले से होने के कारण उनके खास माने जाते हैं।
यह नियुक्ति हिमाचल कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य में भाजपा के खिलाफ संगठन को मजबूत करने की चुनौती बनी हुई है। आलाकमान का फैसला न केवल प्रदेश अध्यक्ष बल्कि पूरी कार्यकारिणी के गठन को प्रभावित करेगा। पार्टी सूत्रों का मानना है कि रोहित ठाकुर की नियुक्ति से युवा नेतृत्व को बढ़ावा मिलेगा, जबकि अन्य दावेदारों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
(नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी व हालिया विकास पर आधारित है। अंतिम फैसला आलाकमान ही लेगा।)
