शिमला, 24 नवंबर 2025। हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी ने प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह, पेशेवर और जनता के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) की होगी और किसी भी प्रकार की कमजोरी के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह ठहराया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए डीजीपी तिवारी ने कहा कि जिला स्तर पर व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखना एसपी, एसडीपीओ और थाना प्रभारियों (एसएचओ) की संयुक्त जिम्मेदारी है। यदि किसी जिले में कानून-व्यवस्था कमजोर दिखी या कोई गंभीर घटना हुई, तो उसकी जिम्मेदारी सीधे एसपी पर होगी।
मुख्य निर्देश:
• नागरिकों के साथ हमेशा सम्मानजनक और पेशेवर व्यवहार किया जाए।
• आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल आने पर त्वरित, प्रभावी और संवेदनशील प्रतिक्रिया अनिवार्य।
• पुलिस विभाग आगे केवल चार सिद्धांतों पर चलेगा – जवाबदेही, तेज प्रतिक्रिया, पेशेवर आचरण और नागरिक सम्मान।
• मैदानी स्तर पर निरीक्षण और जनसंपर्क अभियान को और मजबूत किया जाए।
डीजीपी ने इसे एक सामान्य परिपत्र या नियमित आदेश नहीं, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र के लिए “जागरूकता संदेश” बताया। उनका कहना था कि इन निर्देशों का पालन होने से आम जनता का पुलिस पर भरोसा और बढ़ेगा तथा प्रदेश में अपराध नियंत्रण व कानून-व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी इस पहल को प्रदेश भर के पुलिसकर्मियों ने सकारात्मक कदम बताया है। आने वाले दिनों में इन निर्देशों के क्रियान्वयन पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
