धर्मशाला (तपोवन), 28 नवंबर। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सुलह विधायक विपिन सिंह परमार ने नियम-62 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखकर चंबा के भरमौर को कांगड़ा से जोड़ने वाली होली-उतराला सड़क मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) घोषित करने की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि इस सड़क के बनने से वर्तमान में 300-350 किलोमीटर की दूरी मात्र 73 किलोमीटर रह जाएगी।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सदन को जवाब देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार ने इस महत्वपूर्ण सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिलाने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा हुआ है, लेकिन अभी तक केंद्र से मंजूरी नहीं मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मंजूरी में देरी होने की स्थिति में राज्य सरकार इसे मुख्य जिला मार्ग (MDR) घोषित करने पर विचार करेगी, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो सके।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह सड़क भरमौर क्षेत्र के लोगों के लिए जीवनरेखा साबित होगी और इसे पीएम गतिशक्ति योजना में शामिल करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। सड़क का 39 किमी हिस्सा भरमौर क्षेत्र में तथा 32 किमी बैजनाथ क्षेत्र में है, जो पहले से ही रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
विपिन सिंह परमार ने सदन में कहा कि इस सड़क के बनने से न सिर्फ कांगड़ा-चंबा के बीच आवागमन आसान होगा, बल्कि उत्तर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भी बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही हिमाचल में पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय समृद्धि में तेजी आएगी।
विधायक ने सरकार से फिर से आग्रह किया कि केंद्र सरकार को शीघ्र प्रस्ताव भेजकर इस सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिलाया जाए। सदन में इस मुद्दे पर सभी दलों के सदस्यों ने एकस्वर में समर्थन जताया।
