हमीरपुर, 28 नवंबरः हिमाचल प्रदेश में नशे की लत दिन-प्रतिदिन गहराती जा रही है। कांगड़ा, मंडी और कुल्लू के बाद अब हमीरपुर जिला भी चिट्टे (हेरोइन) की गिरफ्त में आता दिख रहा है। ताजा मामला हमीरपुर बस स्टैंड का है, जहां सदर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 105 ग्राम चिट्टा बरामद करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इस खेप की बाजार कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार आरोपी
• रजत मेहरा (29) पुत्र ओम प्रकाश, निवासी वार्ड नंबर-2, हमीरपुर
• आयुष ठाकुर पुत्र संजय कुमार, निवासी गांव छियोई (जिला बिलासपुर)
चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी आयुष ठाकुर बस अड्डे के पास ही स्थित एक निजी संस्थान में डी-फार्मा (डिप्लोमा इन फार्मेसी) की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस जांच में पता चला है कि दोनों युवक पंजाब के होशियारपुर से यह चिट्टा लेकर हमीरपुर लौट रहे थे।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसपी हमीरपुर भगत सिंह नेगी ने बताया, “पिछले कुछ दिनों से इन दोनों पर निगरानी रखी जा रही थी। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर दबिश देकर इन्हें चिट्टे के साथ धर दबोचा। पूछताछ में सप्लाई चेन की और कड़ियां खुलने की उम्मीद है। नशे के खिलाफ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।”
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश सरकार के नशा मुक्त हिमाचल अभियान के तहत पुलिस लगातार छापेमारी और जागरूकता कार्यक्रम चला रही है, लेकिन कॉलेज परिसरों के आसपास चिट्टे की सप्लाई बदस्तूर जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश के युवा वर्ग इसकी सबसे ज्यादा चपेट में है, जिसे रोकने के लिए केवल पुलिसिया कार्रवाई ही काफी नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और पारिवारिक निगरानी भी जरूरी है।
हमीरपुर पुलिस की इस बड़ी सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि नशा तस्करों पर कड़ी नजर है और कोई भी ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
